
सितारगंज स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय प्रथम में नवीन प्रवेश उत्सव का आयोजन बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रद्युम्न रावत, वरिष्ठ समाजसेवी महेश मित्तल तथा प्रधानाचार्य मुकेश कुमार ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा कार्यक्रम
नवप्रवेशित बच्चों ने कार्यक्रम के दौरान मां सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और लोक नृत्य जैसे आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रतिभा और उत्साह ने समारोह को और भी खास बना दिया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा नए विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया गया, जिससे उनके शैक्षणिक जीवन की एक सकारात्मक शुरुआत हुई।
शिक्षा और शिक्षक की भूमिका पर विशेष जोर
मुख्य अतिथि प्रद्युम्न रावत ने अपने संबोधन में कहा कि जिस प्रकार एक कुम्हार कच्ची मिट्टी को आकार देकर उसे उपयोगी बनाता है, उसी प्रकार शिक्षक बच्चों के कोमल मन को दिशा देकर उनके भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने शिक्षा को बच्चों के समग्र विकास का आधार बताते हुए शिक्षकों की जिम्मेदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
समग्र विकास में शिक्षा का महत्व
समाजसेवी महेश मित्तल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा ही किसी भी व्यक्ति के सर्वांगीण विकास की नींव होती है। विद्यालय का सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण बच्चों को न केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि उनके मानसिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आभार और उपस्थिति
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रद्युम्न रावत, महेश मित्तल, दीपिका गुणवंत, दुर्गेश कुमार, विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावक, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्य मौजूद रहे।



