
उत्तराखंड के पवित्र शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदारनाथ की दिव्य यात्रा हिमालय की ओर आरंभ हो गई है। इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर होकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने और भक्ति में लीन दिखाई दिए। वातावरण में गूंजते जयकारों और भक्तों की आस्था ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
भैरवनाथ पूजन के बाद शुरू हुई पवित्र यात्रा
शनिवार को पारंपरिक विधि-विधान के साथ भैरवनाथ की पूजा संपन्न की गई, जिसके उपरांत आज बाबा केदारनाथ की डोली ने अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान किया। यह धार्मिक परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसमें विशेष पूजा-अर्चना के बाद ही यात्रा प्रारंभ की जाती है।
यात्रा का पहला पड़ाव: फाटा
आज रात्रि विश्राम के लिए बाबा केदारनाथ की डोली फाटा पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। यह स्थान यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, जहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
गौरीकुंड में होगा अगला पड़ाव
20 अप्रैल को बाबा केदारनाथ की पवित्र डोली गौरीकुंड पहुंचेगी। यह स्थान केदारनाथ धाम की यात्रा का प्रमुख आधार स्थल है, जहां से श्रद्धालु पैदल यात्रा आरंभ करते हैं।
21 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी डोली
21 अप्रैल को बाबा केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी। इस दौरान मार्ग में भक्तों द्वारा भव्य स्वागत और पूजा-अर्चना की जाएगी।
22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट
22 अप्रैल की सुबह 8 बजे बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए विधिवत खोल दिए जाएंगे। इस शुभ अवसर का इंतजार देश-विदेश के लाखों भक्तों को रहता है, जो हर वर्ष इस पावन धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।



