
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सितारगंज के प्रांगण में समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय शैक्षणिक महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस बौद्धिक और रचनात्मक समागम में महाविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों और निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विविध कलात्मक एवं रचनात्मक स्पर्धाएं
समाजशास्त्रीय परिषद के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में शनिवार को निबंध, एपण, पोस्टर और फोटोग्राफी जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं की धूम रही। छात्र-छात्राओं ने अपनी कूची और कलम के माध्यम से सामाजिक विषयों को जीवंत किया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:
-
निबंध प्रतियोगिता: संजना मंडल ने प्रथम स्थान पाकर बाजी मारी, जबकि भारती कार्की द्वितीय और खुशी खान तृतीय स्थान पर रहीं।
-
पोस्टर प्रतियोगिता: भारती कार्की ने प्रथम, एकता बोरा ने द्वितीय और सतविंदर कौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
-
एपण (लोक कला): पारंपरिक कला में सतविंदर कौर प्रथम, भारती कार्की द्वितीय और एकता बोरा तृतीय स्थान पर रहीं।
-
फोटोग्राफी: लेंस की नज़र से खुशी खान ने प्रथम, मुस्कान राणा ने द्वितीय और यशिका राणा ने तृतीय स्थान हासिल किया।
वाद-विवाद: छात्र संघ की भूमिका पर तीखी बहस
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘उच्च शिक्षा के अंतर्गत छात्र संघ की भूमिका’ विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता रही। इस ज्वलंत विषय पर प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में अपने तर्क मजबूती से रखे। इस वैचारिक युद्ध में विक्रांत तिवारी ने प्रथम, नीलम ने द्वितीय और खुशी खान ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी वाकपटुता का लोहा मनवाया।
कुशल मार्गदर्शन और निर्णायक मंडल
इस भव्य आयोजन को डॉ. अभिमन्यु कुमार और डॉ. कामना दीक्षित के कुशल निर्देशन में संपन्न कराया गया। प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन हेतु डॉ. बिमला सिंह, डॉ. राजविंदर कौर और डॉ. शोभा पांडे ने निर्णायक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



