
देहरादून में उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर अहम बदलाव करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में पुनर्व्यवस्था की है। इस निर्णय के तहत प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को सिंचाई विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के बाद यह बदलाव प्रभावी हो गया है।
सेवानिवृत्ति के बाद विभागों का पुनर्वितरण
यह निर्णय सचिव दीपेंद्र चौधरी के सेवानिवृत्त होने के बाद लिया गया है। उनके सेवानिवृत्ति के पश्चात रिक्त हुए विभागों का कार्यभार अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बांट दिया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए और विभागीय कार्य सुचारु रूप से चलते रहें।
सिंचाई विभाग में नई जिम्मेदारी
प्रमुख सचिव के रूप में आर मीनाक्षी सुंदरम अब सिंचाई विभाग की निगरानी भी करेंगे। इससे पहले यह दायित्व सचिव युगल किशोर पंत के पास था। वर्तमान में सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी भी युगल किशोर पंत को सौंप दी गई है। इस नई व्यवस्था के तहत सिंचाई विभाग में शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक समन्वय और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
पहले से कई अहम विभागों की जिम्मेदारी
आर मीनाक्षी सुंदरम पहले से ही ऊर्जा और नियोजन विभाग का दायित्व संभाल रहे हैं। इसके अतिरिक्त वे उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIDB) के प्रबंध निदेशक (एमडी) के रूप में भी कार्यरत हैं। साथ ही सेतू आयोग में भी उनकी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका बनी हुई है। अब सिंचाई विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से उनके दायित्व और भी व्यापक हो गए हैं।
प्रशासनिक स्थिरता की दिशा में कदम
राज्य सरकार का यह कदम प्रशासनिक निरंतरता और कार्यकुशलता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुभवी अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपकर सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और गति दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है।



