उत्तराखंडराज्य

कुमाऊं मंडल आयुक्त ने कैम्प कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में सुनी समस्याएं

हल्द्वानी। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने शनिवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में आए कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों पर संबंधित विभागों को त्वरित और पारदर्शी कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम में हल्द्वानी की एक फैक्ट्री में महिला श्रमिक की अंगुलियां कटने की गंभीर घटना सामने आई। शिकायत में बताया गया कि फैक्ट्री में बिना किसी प्रशिक्षण के खतरनाक मशीनें चलवाई जा रही हैं। न कर्मचारियों को ईएसआई का लाभ दिया जा रहा है और न ही वेतन अधिनियम का पालन हो रहा है। आयुक्त ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि पीड़िता को कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मुआवजा दिलाया जाए और फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।

एक अन्य मामले में हल्द्वानी तहसील से संबंधित शिकायत में एक व्यक्ति ने 2015 तक अनुबंध पर कार्यरत एक अमीन पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए आरटीआई दाखिल की थी। जांच में यह सामने आया कि शिकायतकर्ता स्वयं पटवारी पर दबाव डाल रहा था और उसे रात में फोन कर आत्महत्या की धमकी भी दी। इस पर आयुक्त ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाना गंभीर अपराध है और इसकी रिपोर्ट दर्ज कराना आवश्यक है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपनी समस्याएं शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से रखें।

कार्यक्रम में एक पत्रकार पर पॉस्को एक्ट से जुड़े प्रकरण में मध्यस्थता और धन की मांग का आरोप भी सामने आया। इस पर आयुक्त ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर 20 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पॉस्को एक्ट जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की मध्यस्थता या हस्तक्षेप पूरी तरह अस्वीकार्य है और दोषियों की मदद करना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है।

उधम सिंह नगर के दिनेशपुर क्षेत्र में भूमि घोटाले और अवैध प्लॉटिंग की शिकायत पर आयुक्त ने एसडीएम को मौके पर जाकर जांच करने और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पार्षद धरमवीर शासक ने वार्ड-14 में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पार्क निर्माण और ई-टॉयलेट की मांग रखी, जिस पर आयुक्त ने कार्यवाही का आश्वासन दिया। पालतू पशुओं की समस्या पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अपने पशुओं को सड़कों पर आवारा न छोड़ें, उन्हें गौशालाओं में रखें, अन्यथा चालानी कार्रवाई की जाएगी।

अखिल भारतीय किसान महासभा, बागजाला के प्रतिनिधियों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। आयुक्त ने कहा कि सभी बिंदुओं का परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनता मिलन का उद्देश्य यही है कि लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें और उन्हें समयबद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवा मिल सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों की नियमित समीक्षा करें और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।

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