
देहरादून: दिव्यांगजनों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित व प्रभावी निस्तारण के लिए शुक्रवार को देहरादून में ‘संयुक्त मोबाइल कोर्ट’ की कार्यवाही आयोजित की गई। भारत सरकार और उत्तराखंड के दिव्यांगजन आयुक्त के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अदालत में कुल 32 मामलों पर सुनवाई की गई।
राजपुर रोड स्थित रेड फॉक्स होटल में आयोजित इस संयुक्त मोबाइल कोर्ट का शुभारंभ समाज कल्याण सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अड्डांकी ने किया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस विशेष आयोजन में केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए:
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एस. गोविंदराज – दिव्यांगजन आयुक्त, भारत सरकार
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विकास त्रिवेदी – उप आयुक्त, भारत सरकार
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सुंदरलाल सेमवाल – दिव्यांगजन आयुक्त, उत्तराखंड
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गीताराम नौटियाल – नोडल अधिकारी (दिव्यांगजन), समाज कल्याण विभाग
32 प्रकरणों पर हुई सुनवाई: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम शामिल
सुनवाई के दौरान दिव्यांगजनों ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर तथा विभिन्न जिलों से ऑनलाइन माध्यम के जरिए अपनी समस्याएं रखीं। प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषयों पर सुनवाई हुई:
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प्रमाण-पत्र संबंधी मामले: दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID), प्रमाण-पत्र में संशोधन, तथा दिव्यांगता की श्रेणी और प्रतिशत से जुड़ी शिकायतें।
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सेवा व अधिकार: सरकारी सेवाओं में आरक्षण, पदोन्नति, सेवा संबंधी अधिकार और कार्यस्थल पर भेदभाव/सुविधाओं की कमी से जुड़े मुद्दे।
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शिक्षा व सामाजिक सुरक्षा: शिक्षा, परीक्षा और प्रवेश में रियायतें, सहायक उपकरण वितरण, और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाना।
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प्रशासनिक व स्थानीय समस्याएं: पुलिस व प्रशासन से संबंधित शिकायतें, कथित दुर्व्यवहार, परिवहन व आवागमन की सुविधाएं, स्थानीय निकायों, आवास, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े मामले।
संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन सभी मामलों के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण के कड़े निर्देश जारी किए गए।
संयुक्त मोबाइल कोर्ट का मुख्य उद्देश्य
इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य दिव्यांगजनों को:
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उनके अधिकारों और विधिक संरक्षण (Legal Protection) के प्रति जागरूक बनाना।
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सरकारी योजनाओं और सुविधाओं तक उनकी सुगम पहुँच सुनिश्चित करना।
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उनकी शिकायतों का एक ही मंच पर प्रभावी और समयबद्ध समाधान करना।



