
रूद्रपुर स्थित जिला सभागार में आयोजित तीन दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का अंतिम दिवस पर सफलतापूर्वक समापन किया गया। आगामी जनगणना कार्य को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण में सुपरवाइजरों एवं गणनाकारों को विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
डिजिटल माध्यम से होगा आंकड़ों का संकलन
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल डेटा संकलन की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। ट्रेनर दिनेश बिष्ट एवं विमलेश प्रजापति ने डिजिटल एप्लीकेशन के माध्यम से रियल-टाइम डेटा एंट्री, मोबाइल एप के प्रभावी उपयोग, हाउस लिस्टिंग, परिवार विवरण दर्ज करने तथा आधारभूत सुविधाओं के सही अंकन की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, प्रतिभागियों को तकनीकी पहलुओं को समझाने के लिए व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना: जनगणना-2027
समापन अवसर पर उप जिलाधिकारी/ओसी गौरव पाण्डेय ने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसे पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसमें आंकड़ों का संकलन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए गणनाकार अपने स्मार्ट फोन का उपयोग कर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे। इसके अतिरिक्त नागरिकों को एक निर्धारित वेब पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
शत-प्रतिशत शुद्धता और पारदर्शिता पर जोर
अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और प्रत्येक प्रक्रिया, प्रावधान तथा तकनीकी पहलू को भली-भांति समझें। लक्ष्य यह है कि जनगणना कार्य शत-प्रतिशत शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ संपन्न हो।
कार्यक्रम में रही अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में तहसीलदार, नगर निकाय अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।



