
रूद्रपुर। उत्तराखंड शासन के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग तथा उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशानुसार जनपद में पूर्व में हुई बड़ी आपदाओं के संदर्भ में त्वरित, समन्वित और प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को जिला स्तरीय व्यापक मॉक अभ्यास आयोजित किए गए।
इन अभ्यासों का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना, संसाधनों की तत्परता का परीक्षण करना और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाना रहा।

मॉक अभ्यास का विस्तृत विवरण
1. तहसील किच्छा (दरौऊ क्षेत्र) – समय: प्रातः 10:10 बजे
कृषि क्षेत्र में संभावित टिड्डी दल (Locust Attack) से फसलों की सुरक्षा हेतु मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
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संचालन विभाग: कृषि विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय किसान
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प्रमुख गतिविधियाँ: आपातकालीन नियंत्रण उपाय, कीटनाशक छिड़काव तकनीक, सामूहिक बचाव रणनीतियाँ
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इंसिडेंट कमांडर: तहसीलदार किच्छा श्री गिरीश चंद्र त्रिपाठी
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निरीक्षण: मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. बी.के. यादव

2. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गदरपुर – समय: प्रातः 10:05 बजे
भूकंप के झटकों के दौरान जनरल वार्ड में आग लगने की आपात स्थिति का सिमुलेशन।
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संपर्क टीम: फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग
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प्रमुख परिणाम: दो मरीजों और एक नर्स को हल्की चोटें, सुरक्षित स्थानांतरण और प्राथमिक उपचार
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इंसिडेंट कमांडर: उप जिलाधिकारी गदरपुर श्रीमती ऋचा सिंह
3. लोहिया हेड, खटीमा – समय: प्रातः 10:15 बजे
शारदा बैराज का जलस्तर अधिक होने और नहर तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति का अभ्यास।
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प्रमुख गतिविधियाँ: प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित निकासी, पशुधन सुरक्षा, राहत सामग्री वितरण
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इंसिडेंट कमांडर: उप जिलाधिकारी खटीमा श्री तुषार सैनी
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सहयोगी टीम: NDRF, फायर, पुलिस और मेडिकल टीम

4. संजय वन टांडा रेंज, रुद्रपुर – समय: प्रातः 10:03 बजे
मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित स्थिति पर मॉक अभ्यास।
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संचालन विभाग: वन विभाग और स्थानीय प्रशासन
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प्रमुख गतिविधियाँ: रेस्क्यू ऑपरेशन, भीड़ नियंत्रण, जनसुरक्षा उपाय
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इंसिडेंट कमांडर: प्रभागीय वनाधिकारी तराई केंद्रीय, रुद्रपुर श्री उमेश चंद तिवारी
5. IGL, काशीपुर – समय: प्रातः 10:15 बजे
भूकंप के पश्चात इथाइलीन ऑक्साइड गैस पाइपलाइन रिसाव की आपात स्थिति।
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संचालन टीम: IGL HR, NDRF, पुलिस, फायर, मेडिकल टीम
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इंसिडेंट कमांडर: उप जिलाधिकारी काशीपुर श्री अभय प्रताप सिंह
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प्रमुख गतिविधियाँ: क्षेत्र का आइसोलेट करना, गैस रिसाव नियंत्रण, सुरक्षा सुनिश्चित करना
6. इंडियन ऑयल–अडानी गैस कॉर्पोरेशन, पंतनगर – समय: प्रातः 9:30 बजे
CNG स्टेशन में गैस रिसाव और आग की गंभीर स्थिति का अभ्यास।
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संचालन टीम: फायर सर्विस, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रशासन
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प्रमुख गतिविधियाँ: आपातकालीन प्रतिक्रिया, क्षेत्र की घेराबंदी, जोखिम नियंत्रण
निगरानी और समन्वय
सभी मॉक अभ्यासों के दौरान आपदा प्रबंधन सभागार कक्ष से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरंतर निगरानी, मार्गदर्शन और समन्वय स्थापित किया गया।
इस अवसर पर निम्नलिखित अधिकारी सक्रिय रूप से जुड़े रहे:
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श्री गौरव पांडे (प्रभारी अधिकारी, आपदा प्रबंधन)
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श्री ईशान कटारिया (मुख्य अग्निशमन अधिकारी)
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डॉ. बी.के. यादव (मुख्य कृषि अधिकारी)
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श्री भास्कर सिंह धामी (ग्राम विकास अधिकारी)
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श्री उमाशंकर नेगी (जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी)
प्रभारी अधिकारी ने बताया कि यह बहु-विभागीय और यथार्थपरक मॉक अभ्यास जनपद की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता, संसाधन प्रबंधन और आपसी समन्वय का प्रभावी परीक्षण साबित हुए।
निष्कर्ष
इस प्रकार के अभ्यास न केवल आपदा के समय जन-धन की हानि को न्यूनतम करने में सहायक हैं, बल्कि आमजन में जागरूकता और विश्वास को भी सुदृढ़ करते हैं। भविष्य में नियमित अभ्यासों के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र और अधिक सक्षम और सशक्त बनाया जाएगा।



