
देहरादून। रायपुर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई और मजबूत दिशा देते हुए प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रायपुर के 30 शैय्यायुक्त (बेड) नवनिर्मित चिकित्सालय भवन का विधिवत लोकार्पण किया। लगभग 14.10 करोड़ रुपये की भारी लागत से तैयार हुए इस अत्याधुनिक और भव्य भवन का उद्घाटन राज्यसभा सांसद नरेश बंसल और क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। लोकार्पण कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद चिकित्सालय की महिला कर्मचारियों ने सुमधुर स्वागत गीत और आशा कार्यकत्रियों ने मांगलिक गीतों की प्रस्तुति देकर मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों का भावभीना स्वागत किया।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा नया अस्पताल भवन
इस नए और विशाल चिकित्सालय भवन के निर्माण से रायपुर और उसके आसपास की बड़ी आबादी को इलाज के लिए अब दूर नहीं भागना पड़ेगा। इस नवनिर्मित परिसर में जनता को निम्नलिखित आधुनिक सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी:
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वार्डों का वर्गीकरण: मरीजों की सुविधा के लिए जनरल वार्ड के साथ-साथ सेमी प्राइवेट वार्ड और प्राइवेट वार्ड की उत्तम व्यवस्था की गई है।
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प्रमुख ब्लॉक: भवन में ओपीडी (OPD), आईपीडी (IPD) और एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक ब्लॉक बनाया गया है।
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आपातकालीन व जांच सेवाएं: चौबीस घंटे आपात चिकित्सा सेवाओं (Emergency Services) के संचालन के साथ-साथ आधुनिक पैथोलॉजी लैब की सुविधा भी यहाँ उपलब्ध कराई गई है।
मातृ शिशु स्वास्थ्य और आशा कार्यकत्रियों के लिए बड़ी घोषणाएं
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह नया भवन रायपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र का कायाकल्प करेगा। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनस्वास्थ्य सेवाओं को हर नागरिक के लिए व्यापक, सुलभ और उच्च गुणवत्तापूर्ण बनाना है। इस दौरान उन्होंने दो अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं:
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निःशुल्क संस्थागत प्रसव: राज्य में गर्भवती महिलाओं को शत-प्रतिशत निःशुल्क संस्थागत चिकित्सा सेवाएं (अस्पताल में सुरक्षित प्रसव) उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है।
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आशा कार्यकत्रियों को प्रोत्साहन: आपातकालीन स्थिति में किसी भी गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने के लिए आशा कार्यकत्रियों को ₹2,000 की विशेष सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
चारधाम यात्रा मार्ग पर सुदृढ़ होगी स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों को सख्त निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुधारों पर बात करते हुए बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया जा रहा है। विशेषकर सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान कर ली गई है, ताकि वहाँ “गोल्डन आवर” (दुर्घटना के ठीक बाद का पहला संवेदनशील घंटा) के भीतर घायलों को त्वरित जीवन रक्षक चिकित्सा सहायता मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टरों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने के सख्त निर्देश दिए:
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मरीजों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं और बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराएं।
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अनावश्यक रूप से अस्पताल के बाहर की महंगी दवाइयां लिखना तुरंत बंद करें।
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जब तक मामला बेहद गंभीर न हो, तब तक मरीजों को उच्च केंद्रों (हायर सेंटर) के लिए रेफर करने से बचें।
जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग ने जताया आभार
समारोह में विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य सरकार की अभूतपूर्व उपलब्धियों की खुलकर सराहना की और कहा कि सरकार समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं, क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि रायपुर की जनता की लंबे समय से चली आ रही अस्पताल के उच्चीकरण की मांग आज पूरी हो गई है, जो इस क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने सरकार और जनता को आश्वस्त किया कि विभाग जन आकांक्षाओं के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रहा है और भविष्य में इस अस्पताल के लिए आवश्यक आधुनिक चिकित्सा उपकरण और अन्य जरूरी सुविधाएं भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस ऐतिहासिक लोकार्पण अवसर पर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आर.के. पंत, एनएचएम निदेशक डॉ. रश्मि पंत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रताप रावत, रायपुर ब्लॉक प्रमुख सरोजिनी जवाड़ी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी और क्षेत्र की आशा कार्यकत्रियां पूरी ऊर्जा के साथ उपस्थित रहीं।



