
न्याय के देवता भगवान गोल्ज्यू की पावन धरा चम्पावत एक बार फिर भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की तैयारियों में जुट चुकी है। नगर पालिका परिषद द्वारा गोरलचौड़ मैदान में आयोजित ‘गोल्ज्यू महोत्सव-2026’ का शुभारंभ 04 मई से प्रस्तावित है। इस महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए जाने की योजना है।
10 दिवसीय आयोजन में विविध कार्यक्रम
13 मई तक चलने वाले इस दस दिवसीय महोत्सव में श्रद्धा, लोक संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। महोत्सव की शुरुआत पहले दिन प्रातः भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। इसके बाद स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विद्यालयों और सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
स्टार नाइट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आकर्षण
नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय और अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी के अनुसार, 04, 05 और 06 मई को प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से भव्य ‘स्टार नाइट’ का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 05 और 06 मई को सायं 4 बजे से स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों द्वारा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगे।
प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुति से सजेगी महफिल
महोत्सव के स्टार नाइट कार्यक्रमों में कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को संगीतमय बनाएंगे। 04 मई को दर्शन फर्स्वाण, गोविंद दिगारी और खुशी दिगारी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। 05 मई को माया उपाध्याय, इंदर आर्य और नीरज चुफाल मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। वहीं 06 मई को श्वेता महारा, ललित मोहन जोशी, स्वामी भट्ट, सौरभ मैठानी और हरि जोशी अपनी गायकी और कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
प्रदर्शनी और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा मंच
महोत्सव के दौरान विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल, पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद और उत्तराखंड के प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजन भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यह आयोजन न केवल क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान दिलाने में सहायक होगा।
लोगों से भागीदारी की अपील
नगर पालिका प्रशासन ने जिले के निवासियों और पर्यटकों से इस महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। यह आयोजन उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, संस्कृति और कला को करीब से जानने और अनुभव करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।



