अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिकी सीनेट ने एपस्टीन फाइल विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया

अमेरिका के कुख्यात नाबालिग लड़कियों के यौन तस्कर और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन मामले (Epstein Files Controversy) में सबसे बड़ा खुलासा होने वाला है. एपस्टीन की फाइलें खुलने वाली हैं और इसका अबतक विरोध करते आए अमेरिकी राष्ट्रपति को उनकी पार्टी के सांसदों ने ही इसके लिए मजबूर कर दिया है. अमेरिकी संसद के दोनों सदन, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव और सीनेट ने मंगलवार को जेफरी एपस्टीन की फाइलें जारी करने के लिए ट्रंप सरकार को मजबूर करने वाले विधेयक को पास कर दिया है. अब ट्रंप को इस बिल पर मुहर लगाकर उसे कानून बनाना है और फिर एपस्टीन के डर्टी सीक्रेट में कौन-कौन शामिल था, यह दुनिया के सामने आ जाएगा.

जहां हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने 427-1 वोट से इस बिल को भारी मंजूरी दे दी, वहीं सीनेट ने औपचारिक वोट के बिना सर्वसम्मति से इसे तेजी से पास कर दिया. अब बारी है ट्रंप को इसपर साइन करने की. एपस्टीन मरने के 6 साल बाद भी डोनाल्ड ट्रंप के लिए गले का वो फांस बना हुआ है, जिसे वो न उगल पा रहे हैं और न निगल पा रहे हैं.

संसद के जरिए यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक करने को लेकर अपना स्टैंड पलट दिया था. अपने कई समर्थकों और पार्टी नेताओं के सार्वजनिक विरोध के बाद ट्रंप कहने लगें कि उन्हें इन फाइल्स को जनता के सामने लाने में कोई दिक्कत नहीं है, जब संसद में इसपर वोटिंग होगी तो मेरी पार्टी के सांसद इसके पक्ष में ही वोट करें.

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार कानूनी एक्सपर्ट्स कहते हैं कि 1,000 से अधिक सर्वाइवर्स वाले मामले में जनता जवाब की हकदार है, जबकि ट्रंप समर्थकों का कहना है कि ये फाइलें डेमोक्रेट और अन्य शक्तिशाली हस्तियों को बेनकाब कर देंगी जो लंबे समय से जांच से दूर हैं.

ट्रंप और एपस्टीन का क्या कनेक्शन है?

ट्रंप और एपस्टीन के बीच सालों तक घनिष्ठ संबंध रहे थे. दोनों की पार्टियों में एक साथ तस्वीरें और वीडियो खींची गई थीं. हालांकि ट्रंप ने बार बार कहा है कि वो एपस्टीन के गलत कामों में शामिल नहीं थे.

ट्रंप 1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में एपस्टीन को सामाजिक रूप से जानते थे. दुनिया के सामने दोनों एक साथ दिखे हैं. एपस्टीन के सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल पर 2021 में जब मुकदमा चल रहा था तक, एपस्टीन के लंबे समय तक पायलट रहे लॉरेंस विसोस्की ने गवाही दी था कि ट्रंप ने एपस्टीन के प्राइवेट प्लेन से कई बार उड़ान भरी थी. हालांकि ट्रंप ने विमान में होने से इनकार किया है.

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