उत्तराखंडराज्य

पूर्णागिरि मेले में निःशुल्क चिकित्सा शिविर: 11 दिनों में 7378 मरीजों का उपचार

चम्पावत जिले के बनबसा क्षेत्र में पूर्णागिरि मेले के दौरान सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित 11 दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर ने सेवा और समर्पण का एक नया उदाहरण पेश किया। 19 मार्च से 29 मार्च 2026 तक चले इस शिविर में हजारों श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और नेपाल से आए नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

हजारों मरीजों को मिला स्वास्थ्य लाभ

इस चिकित्सा शिविर में कुल 7378 मरीजों का उपचार किया गया, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। शिविर में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच और उपचार सुविधाएं प्रदान की गईं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली।

जांच और उपचार की विस्तृत व्यवस्था

शिविर के दौरान 1021 लोगों की लैब और शुगर जांच की गई, जबकि 3010 लोगों का ब्लड प्रेशर चेक किया गया। इसके अलावा 22 मरीजों का ईसीजी परीक्षण भी किया गया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि शिविर में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रभावी उपयोग किया गया।

दवाइयों और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं

चिकित्सकीय सेवाओं के अंतर्गत 107 मरीजों की ड्रेसिंग की गई। वहीं 54 लोगों को टीटी इंजेक्शन, 44 को डाइक्लोफेनाक, 15 को ओन्डिरोन, 8 को पेरिनॉर्म और 4 मरीजों को पीसीएम इंजेक्शन दिए गए। इससे स्पष्ट होता है कि शिविर में प्राथमिक से लेकर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध थीं।

आपातकालीन सेवाओं का भी रहा प्रबंध

आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए शिविर में 7 मरीजों को आईवी फ्लूड और 2 मरीजों को नेब्युलाइजर की सुविधा दी गई। इससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सका और उनकी स्थिति में सुधार हुआ।

नेत्र सेवा बनी विशेष आकर्षण

इस शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि नेत्र चिकित्सा सेवा रही। 3000 से अधिक लोगों की आंखों की जांच की गई और 1540 जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इससे कई लोगों की दृष्टि संबंधी समस्याओं का समाधान हुआ।

विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालु

शिविर में उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर, हरदोई, बहराइच और लखीमपुर जैसे क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ बनबसा, खटीमा के स्थानीय निवासी और नेपाल से आए नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में लाभ उठाया।

गंभीर मरीजों का भी किया गया उपचार

शिविर में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों, खाना बनाते समय झुलसे मरीजों, दस्त-उल्टी से पीड़ित तथा मिर्गी और अन्य दौरे से ग्रस्त मरीजों का भी सफलतापूर्वक उपचार किया गया। इससे शिविर की व्यापक और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं का पता चलता है।

सहयोग और समर्पण से बनी सफलता

शिविर के संयोजक ललित सिंह कुंवर ने इस आयोजन की सफलता के लिए श्री राममूर्ति मेडिकल कॉलेज, बरेली का आभार जताया। साथ ही दवाइयों के सहयोग के लिए आरती ड्रग्स लिमिटेड और माइक्रो लैब्स लिमिटेड तथा व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए आईएसएसए फाउंडेशन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चम्पावत का धन्यवाद किया।

युवाओं की सक्रिय भागीदारी

इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पीयूष थपलियाल, चंदन बिष्ट, राहुल कश्यप, विक्रम बोरा, वंश मिश्रा, भुवन उपाध्याय, सृष्टि, मनोज कश्यप और लक्ष्मी कश्यप सहित कई युवाओं ने पूरे समर्पण के साथ योगदान दिया।

मानवता की सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण

सीमांत सेवा फाउंडेशन का यह चिकित्सा शिविर केवल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मानवता की सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। इस पहल ने सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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