
सितारगंज। घर लौट रहे एक युवक पर लाठी-डंडे से हमला करने का मामला सामने आया है। घायल युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह हमला उसी के गांव निवासी युवक ने किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
गांव सरकड़ा निवासी कमलेश देवी ने बताया कि उनका बेटा लालता प्रसाद शटरिंग का काम करता है। 9 मार्च को वह दो मजदूरों को लेकर शटरिंग के काम के लिए गांव महोलिया, पीलीभीत (यूपी) गया था। काम खत्म कर मजदूरों को छोड़कर घर लौटते समय धर्मेंद्र कश्यप ने उसे हल्दुआ स्थित टेंट की दुकान पर रोक लिया।
हमला और चोटें
धर्मेंद्र कश्यप ने अपने साथियों के साथ मिलकर लालता प्रसाद पर लाठी-डंडे से हमला किया। इस हमले में लालता के हाथ, कमर, छाती, पेट और सिर में गंभीर चोटें आईं। घायल को तुरंत सितारगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
आरोपी का इतिहास और परिवार की चिंता
पीड़ित के परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र कश्यप झगड़ालू और दबंग किस्म का व्यक्ति है। इससे पहले भी वह कई बार लालता प्रसाद के साथ बदतमीजी कर चुका है। परिवार ने पहले समझौते के जरिए मामले को निपटाया था, लेकिन अब उन्हें डर है कि भविष्य में भी वह परिजनों के साथ मारपीट कर सकता है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस हमले के कारणों और आरोपी के अन्य संभावित कृत्यों की जांच कर रही है।



