उत्तराखंडराज्य

एनएएलएसए के 30 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस-2025 पर विशेष फोटोग्राफी एवं आर्ट शोकेस का आयोजन

रुद्रपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की स्थापना के 30 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आगामी राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस-2025 (09 नवम्बर, 2025) को विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर द्वारा नेशनल फोटोग्राफी एवं आर्ट शोकेस शीर्षक “Justice for All: Through the Lens of Legal Aid” का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन NALSA, नई दिल्ली के निर्देशानुसार किया जा रहा है।

सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण योगेंद्र कुमार सागर बताया कि इस शोकेस का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक यह संदेश पहुँचाना है कि विधिक सहायता नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, समुदायों को सशक्त बनाने और न्याय तक सबकी समान पहुँच सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों से फोटोग्राफ्स, पेंटिंग्स, स्केचेस एवं लघु वीडियो (अधिकतम 1 मिनट) आमंत्रित किए जा रहे हैं।

प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपनी रचनाएँ 04 अक्टूबर, 2025 तक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर को उपलब्ध कराएँ। चयनित प्रविष्टियाँ आगामी 08 एवं 09 नवम्बर, 2025 को आयोजित होने वाली NALSA की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शित की जाएंगी।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि शोकेस (प्रदर्शनी) की सभी प्रविष्टियाँ इस एकीकृत विषय “सभी के लिए न्याय: निःशुल्क विधिक सहायता के दृष्टिकोण से” से जुड़ी होनी आवश्यक हैं। प्रतिभागियों के मार्गदर्शन हेतु शोकेस को चार व्यापक श्रेणियों (A, B, C, D) में विभाजित किया गया है, जिनके अंतर्गत संकेतात्मक उप-विषय (Sub-Themes) दिए गए हैं ये उप-विषय केवल प्रेरणा व दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।

Category A: Voices of Dignity (गरिमा की आवाज़ें) – महिलाएँ: अधिकार और न्याय, बच्चे: मासूमियत की रक्षा सुरक्षित भविष्य, विकलांग व्यक्ति: समानता व सम्मान, बुज़ुर्ग: देखभाल और सुरक्षा, आदिवासी/जनजाति: ज़मीन व संस्कृति की रक्षा, न्याय तक पहुँच: निराशा से आशा का पुल आदि

Category B: Justice Where Life Happens (जहाँ जीवन है, वहाँ न्याय) – प्रवासी मज़दूर: मजदूरी आवास गरिमा, पहचान/दस्तावेज़: अस्तित्व और अधिकार, किसान/मज़दूर/श्रमिक: मेहनत का मूल्य सम्मानित इंसान, अपराध पीड़ित परिवार: उपचार और सहारा, गाँव–शहर: हर द्वार तक न्याय आदि

Category C: Pathways of Justice (न्याय के मार्ग) – कैदी/बंदी: सलाखों के भीतर गरिमा व सुधार, जेल में सुधार: सज़ा से परे नया मौका, लोक अदालत/मध्यस्थता: संवाद और सामुदायिक न्याय, न्याय का असली चेहर आदि

Category D: Horizons Ahead (आगे की दिशाएँ) – ई-सेवाएँ और ई-लोक अदालतें: हर जगह न्याय, डिजिटल न्याय: क्लिक पर न्याय उंगलियों पर अधिकार, पर्यावरण व ज़मीन: धरती से जीवन और न्याय से भविष्य आदि।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी शिक्षण संस्थानों, कला एवं संस्कृति से जुड़े संगठनों, कलाकारों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्त्वपूर्ण अवसर पर अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि यह आयोजन न केवल रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगा, बल्कि कानूनी साक्षरता, विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी और न्याय तक समान पहुँच के प्रति समाज में गहन जागरूकता भी उत्पन्न करेगा।

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