उत्तराखंडराज्य

चुनावी शंखनाद: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का सांसदों-विधायकों को निर्देश, कमजोर सीटों पर बनेगी विशेष रणनीति

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की चुनावी तैयारियों को लेकर अपनी हलचल तेज कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी के सांसदों और विधायकों को वैचारिक कुनबे के विस्तार के लिए विधानसभा स्तर पर पूरी तरह सक्रिय होने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जिन सीटों पर पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था, उनकी बारीकी से समीक्षा कर वहां विशेष रणनीति के तहत प्रवास और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया है।

मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यों का होगा व्यापक प्रचार

राजपुर रोड स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि सभी जनप्रतिनिधियों को राष्ट्रीय अध्यक्ष से बेहद विस्तृत और प्रभावी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के सफल कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियों और जन कल्याणकारी योजनाओं को राज्य के कोने-कोने और गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सभी सांसदों व विधायकों को एक विशेष जन-संपर्क अभियान चलाने का जिम्मा सौंपा गया है।

विचार परिवार के विस्तार के लिए माइक्रो-प्लानिंग

बैठक में संगठन का दायरा बढ़ाने और समाज के हर वर्ग तक पैठ मजबूत करने के लिए कई अहम रणनीतिक फैसले लिए गए:

बुद्धिजीवियों और विशिष्ट लोगों से संपर्क

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार, अब प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में समाज के 100 प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों, प्रभावशाली और विशिष्ट नागरिकों की एक सूची तैयार की जाएगी। जनप्रतिनिधि इन लोगों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क स्थापित करेंगे और उन्हें पार्टी की विचारधारा से जोड़कर भाजपा के विचार परिवार का विस्तार करेंगे।

सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल

बैठक के दौरान राज्य सरकार और संगठन के बीच बेहतर और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के उपायों पर भी गंभीर मंथन हुआ, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक बिना किसी बाधा के त्वरित गति से पहुंचाया जा सके।

बूथ सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा की पारंपरिक ताकत यानी बूथ स्तर की व्यवस्था को और अधिक धारदार बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

  • अधूरे सत्यापन को पूरा करना: जिन मतदान केंद्रों (बूथों) पर बूथ टोलियों के गठन का सत्यापन अभी तक अटका हुआ है, वहां संबंधित विधायक स्थानीय मंडल संगठन के साथ मिलकर काम को जल्द पूरा करेंगे।

  • कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना: राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ कहा कि बूथ आधारित चुनावी ढांचा ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए हर हाल में बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत किया जाना चाहिए।

साहित्य के जरिए जनता तक पहुंचेगा विकास

प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारों की सामूहिक उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में हुए प्रमुख विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का ब्योरा समेटे हुए छोटे पंपलेट, ब्रोशर और पत्रिकाएं तैयार करवाएंगे। इन प्रचार सामग्रियों को गांव-गांव और घर-घर तक वितरित किया जाएगा ताकि जनता को विकास कार्यों की सही जानकारी मिल सके।

मिशन 2027 और कमजोर सीटों के लिए ‘स्पेशल 26’ फॉर्मूला

इस उच्चस्तरीय बैठक में मौजूद सभी सांसदों और विधायकों ने संगठन की मजबूती और आगामी वर्ष 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत सुनिश्चित करने को लेकर अपने कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव साझा किए। इन सभी सुझावों को संकलित कर संगठन अपनी आगामी कार्ययोजना तैयार करेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विशेष रूप से उन विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है, जहां पिछले चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था या फिर जहां जीत का अंतर बहुत कम था। ऐसी कमजोर सीटों की कमान अब लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को अतिरिक्त जिम्मेदारी के रूप में सौंपी जाएगी। इसके साथ ही, संगठन की ओर से समर्पित पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं (प्रचारकों) को भी इन क्षेत्रों में स्थाई रूप से तैनात किया जाएगा ताकि वहां पार्टी की स्थिति को अभेद्य बनाया जा सके।

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