
देहरादून। भाजपा अब उन नेताओं और कार्यकर्ताओं पर विशेष ध्यान दे रही है जो कांग्रेस या अन्य दलों को छोड़कर पार्टी में शामिल हुए हैं। पार्टी ऐसे नेताओं को सनातन धर्म, राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और कार्य संस्कृति की गहन प्रशिक्षण देने जा रही है। इसका उद्देश्य इन नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में विपक्ष के खिलाफ एक मजबूत हथियार के रूप में तैयार करना है।
पिछली प्रवृत्तियों का आधार
पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस और अन्य दलों के नेता भाजपा में शामिल हुए थे। पार्टी के अनुसार, इस प्रकार के नेताओं और कार्यकर्ताओं की संख्या 20 हजार से अधिक थी। अब भाजपा ने उन्हें पार्टी की विचारधारा और चुनावी रणनीति में शामिल कर विपक्षी दलों से वोट और कार्यकर्ताओं को आकर्षित करने का निर्णय लिया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का महत्व
भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार के मुताबिक, कांग्रेस सहित अन्य दलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी के सिद्धांत और विचारों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक के नेताओं और कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा।
2027 चुनाव की तैयारी
भाजपा ने 2027 के चुनावों के दृष्टिगत प्रत्येक नेता और कार्यकर्ता की भूमिका सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पार्टी हिंदुत्व पर विशेष फोकस रखेगी। पिछले चुनावों में जैसे मुस्लिम यूनिवर्सिटी, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे एजेंडे प्रमुख रहे, इसी तरह इस बार भी इन मुद्दों को चुनावी रणनीति में शामिल करने की संभावना है।
राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम और नेतृत्व
भाजपा के राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए शीर्ष पदाधिकारी बनारस पहुंच गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम में राज्य के 14 शीर्ष पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। इसमें प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत और तरुण बंसल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं।



