हापुड़ में 30 लाख के गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल से यूपी और दिल्ली के क्षेत्रों में करते थे तस्करी

हापुड़। मेरठ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और थाना गढ़मुक्तेश्वर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए रविवार को पश्चिम बंगाल से तस्करी कर लाए जा रहे अवैध गांजे की बड़ी खेप को पकड़ा है।
पुलिस ने 56.99 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस्करी नेटवर्क के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस छापामारी कर रही है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रही सप्लाई
एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि थाना गढ़मुक्तेश्वर प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट और एएनटीएफ की मेरठ यूनिट को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि पश्चिम बंगाल से गांजे की बड़ी मात्रा तस्करी कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सप्लाई की जा रही है।
सूचना के आधार पर एएनटीएफ और पुलिस ने संपर्क किया और एक संयुक्त टीम गठित की। इसके बाद टीम ने गाजियाबाद-मुरादाबाद हाइवे स्थित सर्विस रोड पर संदिग्ध वाहनों की जांच के लिए नाकाबंदी की। इसी दौरान दो कार आती दिखीं। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपितों ने फरार होने का प्रयास किया।
टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान कार से 56.99 किलोग्राम गांजा मिला, जो प्लास्टिक की थैलियों में पैक था। इसके अलावा आरोपितों से 11 हजार 310 रुपये और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान पश्चिम बंगाल के जिला कूच विहार के थाना साहिबगंज के गांव बालाकुरा का खारुल हसन और गांव कोंचाबारी का अशदुल हक के रूप में हुई है। वर्तमान में खबरुल हसन गाजियाबाद के थाना इंद्रपुरम के सेक्टर 14 वसुंधरा, जबकि अशदुल हक दिल्ली के थाना वसंतकुंज के स्क्वायर माल के पास झुग्गी झोपड़ी में रह रहा है।
कम दाम में खरीदकर बड़ा मुनाफा कमाते थे आरोपित
आरोपितों ने बताया कि वह गांजा पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति से चार से पांच हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदते थे। उत्तर प्रदेश , दिल्ली और एनसीआर में यह आठ से दस हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आगे बेचते थे। उनके साथ कुछ अन्य आरोपित भी इस धंधे में शामिल हैं। मुनाफे की रकम को सभी आपस में बांट लेते थे।
पश्चिम बंगाल से उत्तर भारत तक गांजा तस्करी का जाल
पश्चिम बंगाल भारत में गांजा उत्पादन का प्रमुख केंद्र है, जहां घने जंगल और आदिवासी इलाके इसकी अवैध खेती के लिए अनुकूल हैं। हाल के वर्षों में, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में गांजा तस्करी के मामले बढ़े हैं। पुलिस और एएनटीएफ की टीम ऐसे नेटवर्क पर नकेल कस रहा हैं, लेकिन तस्कर नए रूट और तरीके अपनाते रहते हैं।



