
रुद्रपुर। उधम सिंह नगर कार्निवाल सरस आजीविका मेला 2026 के छठे दिवस पर आयोजित पूर्वांचल बॉलीवुड सांस्कृतिक संध्या ने मेले में पहुंचे जनसमूह को उत्साह, संगीत और सांस्कृतिक विविधता से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्वांचली लोक गायक रूपेश मिश्रा ने श्री गणेश वंदना से की। इसके बाद उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को जीवंत बना दिया। दर्शक देर तक गीतों पर झूमते और गुनगुनाते नजर आए।
मुख्य अतिथि भगत सिंह कोश्यारी ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भगत सिंह कोश्यारी ने मेले की सफलता पर सभी को बधाई दी। उन्होंने उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही रुद्रपुर में त्रिशूल चौक के निर्माण के लिए मेयर और स्थानीय जनता को शुभकामनाएं दीं।

श्वेता महर के गीतों पर झूमा जनसमूह
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध उत्तराखंडी गायिका श्वेता महर रहीं। उनके ऊर्जावान और लोकप्रिय गीतों ने पूरे पंडाल में जोश भर दिया। शानदार मंच प्रस्तुति और मधुर आवाज़ ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा वातावरण बना रहा और लोग संगीत की धुनों पर थिरकते दिखाई दिए।
आजीविका और सांस्कृतिक एकता का सशक्त मंच
सरस आजीविका मेला 2026 केवल ग्रामीण उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता को भी मजबूत कर रहा है। विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूह अपने पारंपरिक उत्पाद और व्यंजन प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे लोगों को विविध संस्कृतियों से परिचित होने का अवसर मिल रहा है।

मुख्य विकास अधिकारी ने किया स्टॉलों का निरीक्षण
मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने मेले में लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखा और ऑनलाइन माध्यम से भुगतान किया। उन्होंने व्यंजनों की सराहना करते हुए आगंतुकों से हिमाचली पकवानों का स्वाद लेने की अपील की।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, नगर पंचायत अध्यक्ष हिमांशु शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।



