
देहरादून। गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रभक्ति के इस पावन आयोजन को गौरव का क्षण बताया।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष: गर्व और प्रेरणा का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गरिमामयी कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् अपनी रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर चुका है। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना और उन्हें एक साझा भावनात्मक व सांस्कृतिक सूत्र में बांधने का कार्य किया।
एकता, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा संगीतबद्ध किए जाने के बाद वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं रहा, बल्कि यह एकता, त्याग और राष्ट्रभक्ति का सशक्त प्रतीक बन गया। उन्होंने कहा कि जब यह राष्ट्रगीत हजारों कंठों से एक साथ गूंजता है, तो राष्ट्र के प्रति समर्पण, कर्तव्यबोध और संकल्प स्वतः जागृत हो उठते हैं।
संविधान और लोकतंत्र को नमन
मुख्यमंत्री ने 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के लागू होने को स्मरण करते हुए कहा कि इसी दिन भारत ने एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी नई यात्रा प्रारंभ की। उन्होंने संविधान सभा के सदस्यों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों तथा देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को नमन किया।
भारतीय संविधान: सभ्यता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिबिंब
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान केवल कानूनों का संकलन नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन सभ्यता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतिबिंब है। विविधताओं से भरे देश ने इसी संविधान के माध्यम से विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
विकसित भारत की ओर अग्रसर देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल इंडिया, यूपीआई, शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण के क्षेत्र में देश ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
उत्तराखंड में सुशासन और ठोस निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि ठोस निर्णय लेकर उन्हें प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा है। राज्य में सख्त भू-कानून, समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून लागू किए गए हैं। इसके साथ ही 11 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
युवाओं को रोजगार और विकास की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बीते साढ़े चार वर्षों में प्रदेश के 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज किया गया है। नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक वंदे मातरम् गायन के माध्यम से राष्ट्रभक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया।



