
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की अनिवार्य रूप से प्रत्येक माह समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए व कहा जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों से वार्ता कर उनका फीडबैक भी लिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए, जिससे छात्रों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। समस्याओं का समाधान न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्यालय में बैठ कर समस्याएं सुने,संवाद करे व समस्याओं का समाधान करें,अधिकारी कार्यालय में बैठने का समय भी कार्यालय के बाहर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाए एवं उनके समाधान की विशेष निगरानी की जाए। कई विभाग पार्शल क्लोज करने की जल्दबाजी में पोर्टल पर कार्रवाई गतिमान दिखा देते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्या बनी रहती है, इस प्रकार की प्रवृत्ति सरकार की छवि को नुकसान पहुँचाती है, इसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों को सभी सड़कों को शीघ्र ही गड्ढा मुक्त बनाने एवं आपदा से क्षतिग्रस्त हुई संपत्ति का प्राक्कलन कर पुनर्स्थापित करने के भी निर्देश दिए।
वीसी में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा,अपर जिलाधिकारी कौस्तूभ मिश्रा, डीएफओ यू सी तिवारी, डीडीओ सुशील मोहन डोभाल, एमएनए नरेश दुर्गापाल, एस डीएम मनीष बिष्ट, सीएओ डॉ अभय सक्सेना, अधीक्षण अभियंता विधुत डी के जोशी, पीडब्लूडी अनिल पांगती,पेयजल निगम मृदुला सिंह, ए सीएमओ डॉ एस पी सिंह, एडी मत्स्य संजय छिमवाल,दुग्ध राजेंद्र सिंह, ईई सिंचाई बी एस डांगी, लघु सिंचाई सुशील कुमार, लोनिवी गजेंद्र सिंह,पेयजल सुनील जोशी,जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे।



