राष्ट्र की प्रगति और कल्याण शिक्षकों के समर्पण पर ही निर्भर है: मुख्यमंत्री

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का नौवां तीन दिवसीय
सम्मेलन जयपुर में प्रारंभराजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने किया उद्घाटन
जयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का नौवां तीन दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन केशव विद्यापीठ जामडोली जयपुर राजस्थान में प्रारंभ हुआ।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधिवत रूप से अधिवेशन का उद्घाटन किया। सम्मेलन में महासंघ के विभिन्न राज्यों से हजारों शिक्षक कार्यकर्ता शामिल हुएं। उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण और कल्याण में लगे हुई है जो काम कोई नहीं कर सकता वह शिक्षक कर सकते हैं शिक्षक का जीवन समर्पण का है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यकर्ता वर्ष भर समर्पित भाव से कार्य करते हैं, बल्कि छुट्टियों के दिन में भी उनके प्रवास का कार्यक्रम रहता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति और कल्याण शिक्षकों के समर्पण पर ही निर्भर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग रोड मैप बनाते हैं, जिस पर चलकर भारत को आगे प्रगति करनी होती है, मुझे आप लोगों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को राष्ट्र निर्माण और समाज के बारे में बताकर आगे की पौध तैयार करते हैं। सम्मेलन में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा, शिक्षा मंत्री (विद्यालय एवं संस्कृत) एवं पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर, अखिल भारतीय संगठन मंत्री एवं प्रभारी उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश महेन्द्र कुमार, अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सुनील भाई मेहता,अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ अध्यक्ष नारायण लाल गुप्ता, उत्तराखण्ड से राज्य विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष हरीशचंद्र पुरोहित,
श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय अध्यक्ष विजय प्रकाश श्रीवास्तव, उत्तराखंड महासंघ की महामंत्री डॉक्टर पारुल दीक्षित, उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह बल आदि ने विचार करते हुए कहा कि 1981 में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की स्थापना शिक्षक का सम्मान समाज स्वयं करें ऐसे ध्येय को लेकर प्रारंभ हुआ और शिक्षक राष्ट्र को तथा अपने को कैसे तैयार करें ऐसा भाव लेकर चलता है।
सम्मेलन में उत्तराखण्ड से रमेश धपोला, अनिल कुमार जोशी, जगदीश चन्द्र पाण्डे,श्रीमती रुपिंदर कौर बल सहित 52 शिक्षक व शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।



