
भीमताल स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड साइंस में तीन दिवसीय तकनीकी एवं सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव ‘स्पेक्ट्रम 2026’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। इस मौके पर उन्होंने संस्थान के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के नए भवन का उद्घाटन भी किया, जिससे संस्थान की शैक्षणिक सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी।
क्षेत्रीय विकास के लिए कई अहम घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भीमताल और आसपास के क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने भीमताल में उप-तहसील खोलने, ओखलकांडा के भीड़ापानी में आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित करने और विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध कराने की बात कही। इसके साथ ही रामगढ़, धारी और ओखलकांडा में कृषि मंडियों की स्थापना, लेटीबुंगा और सतबुंगा में कोल्ड स्टोरेज बनाने तथा ककोड़ और दाड़िम में मिनी स्टेडियम विकसित करने की घोषणा की गई।
शिक्षा और तकनीकी विकास को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने संस्थान में आधुनिक तकनीकी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन लैब स्थापित करने और कंप्यूटर विभाग के उन्नयन हेतु 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही संस्थान के सभागार के लिए आवश्यक फर्नीचर उपलब्ध कराने की भी बात कही गई।
विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों का सृजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन और नए भवन विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा पीढ़ी देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है और उनके भीतर अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
एपीजे अब्दुल कलाम को किया याद
इस अवसर पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और अवसर देने की है। उन्होंने संस्थान के प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि यह युवाओं की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभा रहा है।
पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाने की पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की सोच के अनुरूप यह संस्थान दूरस्थ पहाड़ी इलाकों के मेधावी और जरूरतमंद छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचा रहा है। उन्होंने संस्थान की अनुशासन व्यवस्था और उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल की सराहना की।
नवाचार को मिला प्रोत्साहन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट और मॉडल्स का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संस्थान छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध करा रहा है।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को रोजगार पाने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार
उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। इसके अलावा मॉडल कॉलेज, महिला छात्रावास, आधुनिक आईटी लैब और परीक्षा भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है। राज्य में पारदर्शी भर्ती सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पिछले चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय सहित कई जनप्रतिनिधि, संस्थान के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



