
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन स्थल का दौरा कर खिलाड़ियों और प्रतिभागियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सुरक्षा प्रबंधन, तकनीकी सुविधाओं, आवागमन व्यवस्था, आवास, चिकित्सा सेवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों सभी व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश-विदेश से खिलाड़ी, प्रशिक्षक, निर्णायक और खेल विशेषज्ञ भाग लेने पहुंचेंगे। ऐसे में आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
उन्होंने विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने लिया जल क्रीड़ा गतिविधियों का अनुभव
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी जल क्रीड़ा गतिविधियों का अनुभव प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संरचना और भौगोलिक परिस्थितियां साहसिक खेलों के विकास के लिए बेहद उपयुक्त हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेलों और एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें विकसित कर उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है।
खेल अवसंरचना को मजबूत बनाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं और बेहतर अवसंरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है। खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें।
युवाओं को मिलेगा वैश्विक मंच पर आगे बढ़ने का अवसर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं स्थानीय खिलाड़ियों के लिए सीखने और आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर प्रदान करती हैं। ऐसे आयोजनों से युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के साथ संवाद करने तथा अपनी क्षमताओं को निखारने का मौका मिलता है।
उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का प्रभाव केवल खेल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पर्यटन, स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलती है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक गतिविधियों के कारण पहले से ही पर्यटकों की पसंद बना हुआ है। ऐसे आयोजनों से राज्य की पहचान एक प्रमुख एडवेंचर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में और अधिक मजबूत होगी।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति को गांव-गांव तक पहुंचाने और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसी सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, बेहतर प्रबंधन क्षमता और पारंपरिक आतिथ्य का उदाहरण बनना चाहिए, जिससे देश और दुनिया के सामने राज्य की सकारात्मक छवि प्रस्तुत हो सके।
इस अवसर पर विधायक अरविंद पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कई गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।



