
होली के पावन अवसर पर चम्पावत जनपद को विकास की एक बड़ी खुशखबरी मिली है। राज्य सरकार ने क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए कीमतौली–रौसाल सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण कार्य को हरी झंडी दे दी है। इस निर्णय से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है और इसे क्षेत्र के लिए विशेष उपहार के रूप में देखा जा रहा है।
20 किलोमीटर सड़क के लिए ₹12 करोड़ की स्वीकृति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगभग 20 किलोमीटर लंबी कीमतौली–रौसाल सड़क के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹12 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट से सड़क का डामरीकरण, मरम्मत और आवश्यक तकनीकी सुधार किए जाएंगे, जिससे मार्ग की गुणवत्ता और टिकाऊपन में उल्लेखनीय सुधार होगा।
20 गांवों और 10 हजार आबादी को सीधा लाभ
यह सड़क लगभग 20 गांवों को आपस में जोड़ती है और करीब 10 हजार लोगों की दैनिक आवाजाही का मुख्य माध्यम है। सड़क के बेहतर होने से ग्रामीणों को शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों और स्थानीय बाजारों तक पहुंचने में आसानी होगी। परिवहन व्यवस्था मजबूत होने से कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं की आवाजाही भी सुचारु होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति
सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं होती, बल्कि विकास की रीढ़ होती है। कीमतौली–रौसाल मार्ग के सुधारीकरण से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और सामाजिक संपर्क मजबूत होगा। इससे ग्रामीण अंचलों में समग्र विकास की संभावनाएं और अधिक सशक्त होंगी।
जनभावनाओं को मिला सम्मान
इस सड़क के डामरीकरण की मांग क्षेत्रवासी लंबे समय से उठा रहे थे। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार के समक्ष अपनी समस्या प्रमुखता से रखी थी। जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजा गया, जिस पर त्वरित निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी।
होली पर मिला विशेष तोहफा
त्योहारों के बीच मिली इस सौगात ने चम्पावत के ग्रामीणों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। सड़क निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद जगी है और लोगों को विश्वास मिला है कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।



