
चंपावत। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को टनकपुर क्षेत्र के नायकखेड़ा में ‘पारिस्थितिक गलियारा परियोजना’ के अंतर्गत निर्माणाधीन बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किरोड़ा नाले का भी दौरा कर चल रहे निर्माण कार्यों की जमीनी स्थिति और प्रगति का जायजा लिया।
85.23 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षित होगा क्षेत्र
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि नायकखेड़ा क्षेत्र लंबे समय से आपदा और बाढ़ की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील रहा है। क्षेत्रवासियों को स्थायी सुरक्षा प्रदान करने और आपदा के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से ₹85.23 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
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सुरक्षा दीवार: 3.7 किलोमीटर लंबी मजबूत बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण।
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डायाफ्राम दीवार: 1,000-1,000 मीटर लंबी दो अत्याधुनिक डायाफ्राम दीवारें।
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सड़क निर्माण: आवागमन को सुगम बनाने के लिए 950 मीटर लंबी दो-लेन सड़क का निर्माण।
33.5 हेक्टेयर भूमि का पुनरुद्धार और आधुनिक जनसुविधाएं
सतपाल महाराज ने बताया कि परियोजना के पूर्ण होने पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की लगभग 33.5 हेक्टेयर भूमि का पुनरुद्धार संभव हो सकेगा।
इसके साथ ही, क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 30 एकड़ क्षेत्र में:
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हरित पट्टी (Green Zone) और लैंडस्केपिंग (भू-दृश्य विकास),
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साहसिक खेल गतिविधियों का केंद्र,
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और आधुनिक नागरिक जनसुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
साहसिक पर्यटन और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नायकखेड़ा में पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक खेल गतिविधियों की अपार संभावनाएं हैं।
“बाढ़ सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटन अवसंरचना के विकास से यह क्षेत्र प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।”
निरीक्षण के दौरान मौजूद प्रमुख अधिकारी
निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें:
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सुभाष चंद्र पांडेय (मुख्य अभियंता)
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एच.सी. सिंह (अधीक्षण अभियंता)
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आर.डी. भट्ट (अधिशासी अभियंता)
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राम नवीश सिंह राणा (अपर सहायक अभियंता)
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वैभव सिंघल (सहायक अभियंता)
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नीतू जोशी, विजय सिंह राणा और सतीश कुमार (अपर सहायक अभियंता) शामिल थे।



