उत्तराखंडराज्य

जनगणना-2027: उत्तराखण्ड में दो चरणों में होगा राष्ट्रीय सर्वेक्षण

रूद्रपुर के जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत की जनगणना-2027 का आयोजन उत्तराखण्ड राज्य में सुव्यवस्थित तरीके से दो चरणों में किया जाएगा। यह प्रक्रिया प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया

जनगणना का पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित होगा, जो 25 अप्रैल 2026 से 25 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। वहीं दूसरा चरण, जिसमें जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी, 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित होगा।

डिजिटल तकनीक से होगी पूरी प्रक्रिया

इस बार जनगणना-2027 को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए मोबाइल एप्लिकेशन आधारित प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। साथ ही जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS पोर्टल) के माध्यम से पूरे कार्य की निगरानी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

घर-घर जाकर किया जाएगा सर्वेक्षण

प्रथम चरण में नियुक्त प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण और गणना करेंगे। इसके बाद दूसरे चरण में नागरिकों की जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़ों का संकलन किया जाएगा।

स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध

नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्व-गणना की व्यवस्था भी की गई है। यह सुविधा 10 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस दौरान नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी।

नागरिकों से सहयोग की अपील

जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें। अधिक से अधिक लोग स्व-गणना सुविधा का उपयोग करें, ताकि जनगणना का कार्य समय पर और सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

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