
देहरादून स्थित शहीद मेजर दुर्गा मल्ल मैदान में आयोजित तीन दिवसीय गोरखा हिमालयन फेस्टिवल (प्रथम चैप्टर 2026) का शुक्रवार को शानदार शुभारंभ हुआ। रंग-बिरंगी सांस्कृतिक झलकियों और पारंपरिक परिधानों से सजे इस आयोजन ने शुरुआत से ही दर्शकों का मन मोह लिया।
हरीश रावत ने किया दीप प्रज्वलन
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने हिमालयी राज्यों में गोरखा समाज की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की असली पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और मूल्यों में निहित है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने देहरादून सहित प्रदेशभर के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में फेस्टिवल में शामिल होने की अपील की।
आयोजकों और अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में गोरखा हिमालयन समिति के संस्थापक आचार्य डॉ. सुशांत महाराज, अध्यक्ष कमला थापा, संरक्षक गोदावरी थापली और सलाहकार राजन शाही मौजूद रहे। मंच संचालन ज्योति कोटिया और प्रभा शाह ने प्रभावशाली ढंग से किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी तथा संगठन की राष्ट्रीय महामंत्री नूतन बिष्ट की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
संस्कृति, परंपरा और स्वाद का संगम
तीन दिवसीय इस महोत्सव में पारंपरिक लोकनृत्य, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, स्थानीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी, पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। यह मंच न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य भी करता है।
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
गोरखा हिमालयन फेस्टिवल हिमालयी और गोरखा समुदाय की समृद्ध परंपराओं, इतिहास और सांस्कृतिक एकता का उत्सव है। यह आयोजन प्रदेशवासियों के लिए अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने और उनसे जुड़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है।



