उत्तराखंडराज्य

मानसून से पहले जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश, जलभराव और बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज

रूद्रपुर में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कैम्प कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान आगामी मानसून सीजन को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जलभराव और बाढ़ जैसी संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी विभाग अभी से सक्रिय हो जाएं और जमीनी स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दें।

संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पिछले वर्षों में भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी थी, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए। इन क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।

उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग और नगर निकायों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। इस योजना के तहत नदी-नालों, नहरों तथा शहरी नालियों की समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए।

नालों और नहरों की सफाई के लिए तय हुई समयसीमा

नगर निकायों को निर्देशित किया गया कि सभी नालों और नालियों की प्रथम चरण की सफाई 30 अप्रैल तक पूरी कर ली जाए। साथ ही, सफाई कार्य के फोटो जीओ टैगिंग के साथ भेजना अनिवार्य होगा ताकि कार्य की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

इसके बाद मानसून से पहले दूसरे चरण में सभी नहरों, नालों और नालियों की पुनः सफाई कराई जाएगी ताकि जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे।

पुल-पुलिया और नदी क्षेत्रों में सफाई पर जोर

लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़कों पर मौजूद स्कवर और पुलियों के नीचे जमा मलवे की तुरंत सफाई की जाए। इससे बारिश के दौरान पानी के बहाव में बाधा न आए।

इसी तरह सिंचाई विभाग को कहा गया कि जिन नदियों और जलाशयों में सिल्ट अधिक मात्रा में जमा है, उनका सर्वे कर ड्रेजिंग के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए और 25 अप्रैल तक प्रस्तुत किया जाए।

GIS मैपिंग और लंबी अवधि की योजना पर फोकस

जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को अपने क्षेत्रों के नदी-नालों और नालियों का GIS मैप तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, सिंचाई विभाग को पूरे जनपद के जल स्रोतों का GIS आधारित बेस मैप तैयार कर संभावित जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के समाधान के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने को कहा गया।

मानसून से पहले सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश

उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिवर चैनलाइजेशन, नालों और नालियों की सफाई सहित सभी आवश्यक कार्य 15 जून से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इसके अलावा बाजपुर क्षेत्र में लेवड़ा नदी पर निर्माणाधीन पुलों को जून तक पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया।

बैठक में रहे अधिकारी उपस्थित

इस बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, उप जिलाधिकारी एवं ओसी आपदा प्रबंधन गौरव पांडेय, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, आनंद सिंह नेगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सभी उप जिलाधिकारी और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

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