उत्तर प्रदेशराज्य

‘माफिया को मिट्टी में मिलाकर बुंदेलखंड को दी नई पहचान’, महोबा में बोले CM योगी

महोबा। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आठवीं बार महोबा पहुंचे। उन्होंने यहां गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि ऐतिहासिक गोरखगिरि पर्वत पर सिद्ध बाबा मंदिर में दर्शन के बाद पूजा की। शहर के मोदी ग्राउंड स्थित मंच पहुंचे और सियावर रामचंद्र की जय के जयकारे के साथ अपने संबोधन की शुरूआत की। कहा कि महोबा में 12 वर्षों के बाद गोरखगिरि में जाकर आज भोलेनाथ व गुरु गोरखनाथ की गुफा के दर्शन किए।

यहां रोपवे बनने जा रहा है तो वहीं इस जगह को एडवेंचर पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। बिना नाम लिए सपा पर निशाना साधा, कहा कि जो लोग कब्जा करते हैं, वो नकारात्मक कार्य करते है। इसीलिए उन लोगों ने प्रदेश को डुबोया था। हमने बुंदेलखंड और महोबा को नई पहचान देने के साथ ही माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का काम किया और बुंदेलखंड को एक्सप्रेसवे-से जोड़ा।

बुंदेलखंड में बनने वाली तोप व बंदूक से दुश्मन थरथरा उठेगा: योगी

महोबा महोत्सव में राष्ट्रीय से जिला स्तर तक प्रतियोगिता हो। आल्हा-ऊदल के शौर्य के प्रतीक अखाड़ों का निर्माण करेंगे। यह ऊर्जा की धरती है। यहां के ग्रेनाइट पत्थर केवल घर-मकान नहीं, राष्ट्र निर्माण में योगदान देती है। वीरांगनाओं को पैदा करती है। आल्हा ऊदल जैसे वीर मिले, गुरु गोरखनाथ ने तप किया, चंदेल राजाओं ने शौर्य गाथा आगे बढ़ाई।

महोबा अब देसावरी पान के लिए पहचाना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम ने भारत की विरासत को वैश्विक मान्यता दी। मुझे भी झांसी में रानी लक्ष्मीबाई किले से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 2021 में अर्जुन सहायक परियोजना हमने पूरी की, जो वर्षों से अधूरी थी।

बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी खराब थी। भूमाफिया, खनन व वन माफिया हावी थे। यहां की बहनें मिट्टी के घड़े सिर पर रखकर पानी लाती थीं, उनका जीवन इसमें ही बीत जाता था। हमने हर घर जल नल योजना दी। चंदेल राजाओं के बनाए तालाब जल संरक्षण के उदाहरण हैं। हमें भी इससे जुड़कर जल संरक्षण करना है। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि तालाबों से सिल्ट हटवाने में मददगार बनें।

अब यूपी अलग पहचान बना रहा है, पहले माफिया हावी थे: योगी

बुंदेलखंड में बनने वाली तोप व बंदूक से दुश्मन थरथरा उठेगा। ऑपरेशन सिंदूर में हमने लखनऊ डिफेंस कॉरिडोर में बनी ब्रह्मोस मिसाइल दागी थी तो पाकिस्तान माफी भागता घूम रहा था। दुम दबाकर जान की भीख मांग रहा था। हम चाहते हैं अब इसका केंद्र महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर व झांसी बने। कबरई बांध के किसानों को वर्षों से लटका पैसा दिलाया। युवाओं का शोषण करने वाले की उल्टी गिनती तय है।

अब उप्र अलग पहचान बना रहा है, पहले माफिया हावी थे। उत्सव के पहले उपद्रव होता था। न बेटी सुरक्षित न व्यापारी सुरक्षित। ये सब जिले तब भी थे पर पहचान का संकट था। अब बुंदेलखंड को औद्योगिक पहचान वैश्विक रूप पर देने जा रहे हैं। केन बेतवा लिंक परियोजना दे रहे हैं। इन सब परियोजनाओं के साथ बुंदेलखंड को आगे बढ़ाएंगे।

मझगवां, चिल्ली स्प्रिंकलर, रतौली बांध पर काम कर रहे। निराश्रित बुजुर्गों को पेंशन, बेटी को सामूहिक विवाह योजना में एक लाख देते हैं। बेटी के ऋण से उऋण होने का एक माध्यम है। सामूहिक विवाह में गरीब की बेटी का सम्मान के साथ विवाह होता है। बुंदेलखंड को आगे बढ़ाना है। महोबा में संभावनाओं को विकसित करना है।

चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर में बदलाव लाएंगे। महोबा में मेडिकल कॉलेज बने। आल्हा-ऊदल की लोकगाथाओं को वैश्विक परंपरा में पहचान मिले। महोबा विकास व विरासत को आगे बढ़ाएगा। इस दौरान प्रभारी मंत्री मनोहरलाल मन्नू कोरी, सदर विधायक राकेश गोस्वामी, जितेंद्र सिंह सेंगर, जिलाध्यक्ष भाजपा मोहनलाल कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

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