अंतर्राष्ट्रीय

ब्रिटेन की ग्रीन पार्टी ने ‘जायोनिज्म-नस्लवाद’ की नीति अपनाई, इजराइल ने पार्टी नेता के देश में आने पर लगाई रोक

ब्रिटेन की ग्रीन पार्टी ने 2026 के अपने सम्मेलन में यहूदी को लेकर एक बड़ा और विवादित फैसला किया है। पार्टी ने औपचारिक रूप से यहूदी विरोधी रुख अपनाने के पक्ष में मतदान किया। इस फैसले के तुरंत बाद इस्राइल ने ग्रीन पार्टी के नेता जैक पोलांस्की के देश में प्रवेश पर रोक लगा दी। पार्टी की ओर से रविवार को जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, प्रस्ताव के पक्ष में 1,022 वोट पड़े, जबकि 813 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया।

क्या है ग्रीन पार्टी की नई नीति? 

ग्रीन पार्टी ने अपने प्रस्ताव में यहूदी को एक जातीय-राष्ट्रवादी राजनीतिक परियोजना बताया है। साथ ही पार्टी ने साफ कहा है कि यहूदी का विरोध करने को यहूदी-विरोध यानी एंटीसेमिटिज्म के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। यहूदी 19वीं सदी के आखिर में यूरोप में उभरा एक राष्ट्रवादी आंदोलन है, जिसका मकसद यहूदी लोगों के लिए एक मातृभूमि स्थापित करना और उसका समर्थन करना था।विज्ञापन

फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी पार्टी ने दोहराया अपना रुख 

नई नीति में ग्रीन पार्टी ने फिलिस्तीनी मुक्ति के समर्थन को फिर से स्पष्ट किया है। पार्टी फिलिस्तीनी शरणार्थियों के ‘राइट ऑफ रिटर्न’ यानी अपनी जमीन और घरों में लौटने के अधिकार का भी समर्थन करती है। इसके अलावा पार्टी ने इस्राइल के खिलाफ बॉयकॉट, डिवेस्टमेंट एंड सैंक्शंस यानी BDS अभियान का समर्थन बरकरार रखा है। पार्टी ने इस्राइल पर पूरी तरह से हथियार प्रतिबंध लगाने की मांग भी दोहराई है।

ऐतिहासिक फिलिस्तीन में एक लोकतांत्रिक राज्य की मांग 

ग्रीन पार्टी ने आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करते हुए ऐतिहासिक फिलिस्तीन के पूरे क्षेत्र में एक लोकतांत्रिक राज्य की स्थापना की मांग की है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस फैसले तक पहुंचने के लिए सदस्यों के बीच गंभीर और भावनात्मक बहस हुई। उनके मुताबिक, पार्टी के सदस्य नीतियों को सामने रखने और उन पर फैसला लेने की प्रक्रिया को महत्व देते हैं और सम्मेलन ने अब अपना निर्णय सुना दिया है।

‘बराबरी, न्याय और मानवाधिकार हमारे लिए अहम’ 

ग्रीन पार्टी ने कहा कि उसका यह रुख नस्लवाद के विरोध और सभी लोगों के लिए समानता, न्याय और मानवाधिकारों की उसकी प्रतिबद्धता पर आधारित है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा,’ग्रीन पार्टी एक नस्लवाद विरोधी पार्टी है और उसने लगातार फलस्तीनी और सीरियाई जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध किया है। पार्टी ने इस्राइली सरकार को हथियारों की बिक्री रोकने की मांग की है और गाजा तथा वेस्ट बैंक की भयावह स्थिति के खिलाफ बेबाकी से आवाज उठाई है।’  प्रवक्ता ने आगे कहा कि ये मुद्दे पार्टी के रुख का अहम हिस्सा बने रहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लोगों के लिए समानता, न्याय और मानवाधिकारों के प्रति पार्टी की गहरी प्रतिबद्धता और हर तरह के नस्लवाद का विरोध भी उसके रुख का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस्राइल ने फैसले को बताया यहूदी-विरोधी

ग्रीन पार्टी के इस फैसले के बाद इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने उस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ब्रिटेन की ग्रीन पार्टी ने इस्राइल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष को वैध ठहराया है।इस्राइली विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘आज ब्रिटेन की ग्रीन पार्टी ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया है जिसमें यहूदी को नस्लवाद के बराबर बताया गया है, इस्राइल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष को वैध ठहराया गया है और ‘नदी से समुद्र तक’ एक फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना की मांग की गई है।’ इस्राइल का कहना है कि ‘नदी से समुद्र तक’ का मतलब इस्राइल राज्य के विनाश की मांग करना है।

IHRA की परिभाषा का भी दिया हवाला

इस्राइली विदेश मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को इंटरनेशनल होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस अलायंस (IHRA) की परिभाषा के तहत यहूदी-विरोधी बताया। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यह प्रस्ताव यहूदी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को नकारता है और इसी वजह से यह IHRA की परिभाषा के अनुसार स्पष्ट रूप से एंटीसेमिटिक है।

अब जैक पोलांस्की के इस्राइल जाने पर रोक

इस विवाद के बीच इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सा’अर ने ग्रीन पार्टी के नेता जैक पोलांस्की को इस्राइल में प्रवेश से रोकने का फैसला किया है। इस्राइली विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम फिलहाल ‘पहला कदम’ है और पोलांस्की को इस्राइल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंत्रालय के मुताबिक, इस फैसले को संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करके लागू किया गया है।

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