
देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा हो कि उपभोक्ता को उसी समस्या के लिए दोबारा शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता न पड़े।
लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर दिया जोर
सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक ने वरिष्ठ, क्षेत्रीय और फील्ड स्तर के अधिकारियों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करने, निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
स्थायी समाधान और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को उपभोक्ताओं की समस्याओं का स्थायी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग करने, सभी क्षेत्रीय कार्यालयों और वितरण मंडलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आवश्यक होने पर उपभोक्ताओं से संवाद कर उनकी प्रतिक्रिया लेने को भी कहा गया। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का नियमित अवलोकन करते हुए प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित व्यवस्था बनाने पर जोर
प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने कहा कि यूपीसीएल उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्देशों के प्रभावी पालन से शिकायत निस्तारण प्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता-केंद्रित बनेगी, जिससे निगम के प्रति उपभोक्ताओं का भरोसा और मजबूत होगा।



