
रुद्रपुर में महिला सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में ऊधमसिंहनगर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने महिला संबंधी अपराधों को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाली दो महिला पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को एक महिला पुलिस कार्यालय पहुंची और उसने अपनी नाबालिग बेटी के संबंध में गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता की मां ने बताया कि उसकी बेटी को 17 अप्रैल को आरोपी यश प्रताप सिंह बहला-फुसलाकर रुद्रपुर क्षेत्र से अपने साथ ले गया था।
दुष्कर्म के बाद नाबालिग हुई गर्भवती
आवेदिका ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म किया, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत कोतवाली रुद्रपुर, कोतवाली पंतनगर और महिला हेल्प डेस्क में कई बार दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन कहीं भी नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
मामले में लगातार अनदेखी और लापरवाही सामने आने के बाद पीड़ित पक्ष ने सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
एसएसपी ने दिखाई सख्ती, दो महिला कांस्टेबल सस्पेंड
मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला हेल्प डेस्क कोतवाली रुद्रपुर में तैनात महिला हेड कांस्टेबल पायल आर्या और महिला कांस्टेबल मंजू आर्या को ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर निलंबित कर दिया।
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निष्पक्ष जांच के लिए क्षेत्राधिकारी को सौंपी जिम्मेदारी
पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच क्षेत्राधिकारी पंतनगर डीआर वर्मा को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे मामले की प्रारंभिक जांच पूरी कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनपद में महिला संबंधी अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। प्रत्येक पीड़िता को त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि महिला शिकायतों के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, असंवेदनशीलता या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि महिला संबंधी हर शिकायत पर तुरंत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ित पक्ष के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।



