
ऊधमसिंहनगर जिले में “जीरो चाइल्ड लेबर योजना” के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा बाल श्रम के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर और उप श्रम आयुक्त के निर्देशों के क्रम में 01 जून 2026 से 30 जून 2026 तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
किच्छा क्षेत्र में औचक निरीक्षण
इसी क्रम में 19 जून 2026 को किच्छा क्षेत्र में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के तहत निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान एक प्रतिष्ठान मैसर्स शकील टायर सर्विस, किशनपुर किच्छा में बाल श्रम के मामले सामने आए।
निरीक्षण के दौरान दो बाल श्रमिकों को टायर रिपेयरिंग का कार्य करते हुए पाया गया, जिनकी पहचान इस प्रकार की गई:
- सोहेल पुत्र अशरफ अली, आयु 13 वर्ष
- आमिर अली पुत्र अशरफ अली, आयु 12 वर्ष
दोनों बच्चे स्टेडियम 5 एन०, जवाहर नगर कॉलोनी, किच्छा, ऊधमसिंहनगर के निवासी बताए गए हैं।
कानून का उल्लंघन और FIR दर्ज
निरीक्षण में यह पाया गया कि प्रतिष्ठान के संचालक द्वारा बाल श्रमिकों को कार्य पर लगाकर बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम की धारा-3 का उल्लंघन किया गया है। यह एक संज्ञेय अपराध है, जिसके तहत धारा 14 के अंतर्गत दंडनीय कार्रवाई का प्रावधान है।
इसी आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई है।
जिला टास्क फोर्स की सक्रिय भूमिका
इस अभियान के दौरान जिला टास्क फोर्स टीम की सक्रिय भागीदारी रही, जिसमें विभिन्न विभागों और संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे:
- तन्मय पंत (श्रम प्रवर्तन अधिकारी, किच्छा)
- संगीता गुप्ता (एनजीओ ISD)
- उवैस खान (ISD)
- रेखा अधिकारी (चाइल्डलाइन 1098)
- अद्धि (चाइल्डलाइन 1098)
- सुरेश गिरी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट)
निष्कर्ष
यह कार्रवाई बाल श्रम उन्मूलन के प्रति प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाती है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे से श्रम न कराया जाए और सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुरक्षित मिले।



