
सितारगंज में तीन सूत्रीय मांगों पर हुए समझौते का पालन न होने का आरोप लगाते हुए भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार ने अपने समर्थकों के साथ नगरपालिका ईओ कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई, जिसके बाद पालिका प्रशासन की ओर से कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया।
सरकारी कार्य में बाधा और धमकी का आरोप
नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी प्रतिभा कोहली ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, गाली-गलौज, सरकारी कार्य में बाधा डालने और गैरकानूनी रूप से सभा करने की घटनाएं हुईं। इसी आधार पर कोतवाली में संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ग्राम गोठा की मांगों को लेकर चला था लंबा धरना
जानकारी के अनुसार ग्राम गोठा में बसे लोगों को काबिज भूमि पर भूमिधरी अधिकार देने, पुलिस चौकी और उप चिकित्सालय की स्थापना की मांग को लेकर सतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में नगरपालिका कार्यालय परिसर के पार्क में लगभग 23 माह तक दिन-रात अनिश्चितकालीन धरना दिया गया था।
प्रशासन से वार्ता में बनी थी सहमति
धरने के दौरान तहसीलदार हिमांशु जोशी से हुई वार्ता के बाद दो बिंदुओं पर सहमति बनी थी, जिसमें सप्ताह में दो दिन गांव में चिकित्सकों की टीम द्वारा कैंप लगाकर इलाज करने और गांव में पुलिस कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए थे।
झोपड़ी हटाने पर बढ़ा विवाद
मंगलवार को भीम आर्मी जिलाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार अपने समर्थकों के साथ नगरपालिका पहुंचे। कार्यालय परिसर में धरने के दौरान बनाई गई झोपड़ी को हटाए जाने पर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सूचना पर पहुंचा पुलिस बल, तहसीलदार ने दिया आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तहसीलदार हिमांशु जोशी भी घटनास्थल पर पहुंचे। सतेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया कि गांव में केवल एक बार ही चिकित्सा टीम भेजी गई, उसके बाद कोई व्यवस्था नहीं की गई। तहसीलदार ने चिकित्साधिकारी से वार्ता कर गांव में सप्ताह में दो बार चिकित्सा विभाग की टीम भेजने के निर्देश दिए, जिसके बाद कार्यकर्ता वापस लौट गए।
पालिका ईओ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
पालिका अधिशासी अधिकारी प्रतिभा कोहली ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि नगर पालिका कार्यालय के सामने पार्क में अवैध रूप से बनी झोपड़ी को हटाते समय सतेन्द्र कुमार, विशाल सिंह, देवचरन, विजय कुमार, संदीप कुमार सहित 10-12 अन्य लोग कार्यालय में घुस आए और नारेबाजी व गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि जान से मारने की धमकी दी गई और झोपड़ी हटाने पर पालिका गेट का ताला बंद कर काम रुकवाने की चेतावनी भी दी गई।
सरकारी काम में जानबूझकर बाधा डालने का आरोप
पालिका प्रशासन का कहना है कि विवाद करने की नीयत से कार्यालय में आकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, जिसके चलते कानूनी कार्रवाई की गई है।



