
चंपावत में नाबालिग बालिका को बंधक बनाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की कथित साजिश के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीसरे आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक वादी राम सिंह रावत की तहरीर के आधार पर कमल सिंह रावत, अर्जिता राय और आनन्द सिंह मेहरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि नाबालिग बालिका को कथित रूप से बंधक बनाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। साथ ही पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि पूरे मामले में कुछ निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई थी।
पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं
पुलिस जांच के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 16/17 पॉक्सो एक्ट की भी बढ़ोतरी की गई। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है ताकि सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए
चंपावत पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कमल सिंह रावत और अर्जिता राय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
वहीं तीसरे आरोपी आनन्द सिंह मेहरा के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई जारी है और पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
कानून का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई
रेखा यादव ने कहा कि कानून का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस हर मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कर रही है तथा दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील मामले से जुड़ी अपुष्ट जानकारी या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें।



