
देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक पर्व फूलदेई के अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास पर परिवार के साथ उल्लासपूर्वक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाया। इस दौरान मंत्री ने बच्चों और परिवार के सदस्यों के साथ फूलदेई की खुशियाँ साझा की।
बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति
पर्वतीय संस्कृति संरक्षण समिति और कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद के बच्चों ने पारंपरिक पोशाक पहनकर मंत्री के आवास की देहरी पर फूल और चावल अर्पित किए। बच्चों ने “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला-उतुके सई” जैसे लोकगीत गाकर उत्सव की धूम बढ़ाई और घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंत्री गणेश जोशी का स्नेह और संदेश
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बच्चों का स्नेहपूर्वक स्वागत किया और उन्हें उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने प्रदेशवासियों को फूलदेई की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
प्रकृति, खुशहाली और समाज में सौहार्द
मंत्री ने बताया कि बसंत ऋतु के आगमन पर मनाया जाने वाला यह पर्व समाज में प्रेम, सौहार्द और समृद्धि का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जब छोटे-छोटे बच्चे घर-घर जाकर देहरी पर फूल अर्पित करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, तो यह हमारी संस्कृति की जीवंतता और आपसी भाईचारे की भावना को दर्शाता है।
लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का आह्वान
मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में सक्रिय योगदान दें, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इन अमूल्य विरासतों से जुड़ी रहें।
समारोह में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी निर्मला जोशी, सचिव चंद्रशेखर जोशी, उपाध्यक्ष मोनिका रावत, पूनम पंवार, राकेश प्रियंका प्रधान, केंद्रीय सांस्कृतिक सचिव बबीता साह लोहनी, पुष्पा बिष्ट, सीमा बिष्ट, गणेश कांडपाल, विनोद कांडपाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



