
देहरादून। चारधाम यात्रा की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। यात्रा पंजीकरण, हेलीकॉप्टर टिकट और होटल बुकिंग के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई लोग फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया लिंक और नकली ट्रैवल एजेंट के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं।
ठगों के तरीके
जानकारी के अनुसार ठग निम्न तरीकों का इस्तेमाल करते हैं:
- सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाना।
- सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से आकर्षक ऑफर देना।
- कम कीमत में होटल बुकिंग, तुरंत पंजीकरण या हेलीकॉप्टर टिकट का लालच देकर अग्रिम भुगतान लेना।
जैसे ही पैसे जमा होते हैं, ठग संपर्क बंद कर देते हैं और श्रद्धालु ठगी का शिकार हो जाते हैं।
प्रशासन और साइबर पुलिस की अपील
- बुकिंग केवल अधिकृत और आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से करें।
- अनजान लिंक, सोशल मीडिया विज्ञापन या किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत खाते में पैसा भेजने से बचें।
- बुकिंग करने से पहले वेबसाइट का पता और एजेंसी की विश्वसनीयता जांच लें।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
अधिकारियों का कहना है कि यात्रा सीजन में ठग अधिक सक्रिय हो जाते हैं और नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बनाते हैं। इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। यदि कोई ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे खुद सतर्क रहें और इस संबंध में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें, ताकि चारधाम यात्रा के नाम पर होने वाली ठगी को रोका जा सके।



