
देहरादून से जुड़ी चारधाम यात्रा के बीच केदारनाथ धाम में स्वच्छता को लेकर एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल सामने आई है। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद यहां साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
पहले ही सप्ताह में 1000 किलो प्लास्टिक कचरा एकत्र
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत नगर पंचायत केदारनाथ ने यात्रा के पहले सप्ताह में ही लगभग 1000 किलो प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यह पहल दर्शाती है कि सुनियोजित प्रयासों से बड़े लक्ष्य आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।
ग्रीन चारधाम यात्रा का दिखने लगा असर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘ग्रीन चारधाम यात्रा’ पहल अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। प्रशासन द्वारा लागू की गई व्यवस्थाओं के चलते केदारनाथ धाम में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।
मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी से कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन
नगर पंचायत ने लगभग 3000 वर्गफुट क्षेत्र में मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) स्थापित की है। इस सुविधा केंद्र में प्लास्टिक, कांच, टिन और कपड़ों सहित कुल 15 अलग-अलग श्रेणियों में कचरे को विभाजित किया जा रहा है। यहां लगाए गए कॉम्पेक्टर मशीन की मदद से प्लास्टिक बोतलों को दबाकर 30 से 40 किलो की गठरी बनाई जाती है, जिससे उनके परिवहन और पुनर्चक्रण में आसानी होती है।
कचरे से आय सृजन की दिशा में पहल
अधिशासी अधिकारी नीरज कुकरेती के अनुसार, एकत्रित प्लास्टिक और अन्य कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए बेचा जाएगा, जिससे नगर पंचायत को राजस्व प्राप्त होगा। वहीं अन्य कचरे को सोनप्रयाग लाकर कबाड़ के रूप में निस्तारित किया जाएगा। यह पहल न केवल सफाई सुनिश्चित कर रही है, बल्कि कचरे को संसाधन में बदलने का उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही है।
दो शिफ्ट में सफाई, 55 कर्मियों की तैनाती
धाम में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए दो शिफ्टों में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए 55 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि यात्रा मार्ग की सफाई की जिम्मेदारी एक अलग संस्था को सौंपी गई है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही तीर्थयात्रियों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने की अपील कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री धामी ने भी यात्रियों से देवभूमि की नाजुक पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते हुए कचरा इधर-उधर न फैलाने का आग्रह किया है। सरकार हिमालयी क्षेत्र, नदियों और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
स्वच्छता अभियान बना मिसाल
कुल मिलाकर, केदारनाथ धाम में चल रहा यह स्वच्छता अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बन रहा है, बल्कि कचरे से संसाधन और आय सृजन की दिशा में भी नई संभावनाएं प्रस्तुत कर रहा है।



