उत्तराखंडराज्य

सांस्कृतिक गौरव का समागम: देहरादून में गुजरात एवं महाराष्ट्र स्थापना दिवस का भव्य उत्सव

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित लोक भवन सभागार शनिवार को उस समय मिनी भारत के रूप में परिवर्तित हो गया, जब वहाँ गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस (1 मई) के उपलक्ष्य में एक अत्यंत गरिमामयी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस उत्सव में गुजरात समाज समिति हरिद्वार, ‘गुज्जू’ परिवार और महाराष्ट्र समाज समिति के सदस्यों ने अदम्य उत्साह और जीवंतता के साथ सहभागिता की।

लोक संस्कृति की इंद्रधनुषी छटा और कलात्मक प्रदर्शन

समारोह का मुख्य आकर्षण दोनों राज्यों की समृद्ध लोक परंपराओं का अद्भुत संगम रहा। मंच पर जब कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दीं, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से न केवल मनोरंजन किया, बल्कि गुजरात की सौम्यता और महाराष्ट्र के शौर्यपूर्ण वैभव को जीवंत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महामहिम राज्यपाल का संबोधन: ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की गूँज

उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कलाकारों की भक्ति, समर्पण और आत्मीयता से परिपूर्ण प्रस्तुतियों को विशेष रूप से रेखांकित किया।

  • विविधता का उत्सव: राज्यपाल ने कहा कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति की उस अनंत विविधता का प्रतीक है, जो हमें वैश्विक पटल पर विशिष्ट बनाती है।

  • सांस्कृतिक संरक्षण: उन्होंने भावी पीढ़ी के लिए अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और संरक्षित करने का आह्वान किया।

  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार: महामहिम ने इस बात पर जोर दिया कि जब परिवार सामूहिक रूप से ऐसे आयोजनों में भाग लेते हैं, तो समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा और समरसता का संचार होता है।

  • राष्ट्रीय संकल्प: ‘अनेकता में एकता’ को भारत की वास्तविक शक्ति बताते हुए उन्होंने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को पुनः दोहराया।

गरिमामयी उपस्थिति एवं भव्य समापन

इस विशिष्ट अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। साथ ही, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जिनमें सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव डॉ. विजय कुमार जोगदंडे और आईजी अनंत शंकर ताकवाले सम्मिलित रहे।

गुजरात समाज के प्रमुख सदस्य आनंद मोधा, राजेश पाठक, हरि भट्ट एवं महेंद्र भट्ट भी इस उत्सव के साक्षी बने। कार्यक्रम का कुशल संचालन वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी शब्दावली से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

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