
देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को हाथीबड़कलां स्थित कैंप कार्यालय से नाबार्ड योजनांतर्गत स्थापित पॉलीहाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चयनित 28 किसानों के दल को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर हेतु हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह विशेष प्रशिक्षण पांच दिनों तक चलेगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य—50 हजार पॉलीहाउस की स्थापना
कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी
मंत्री जोशी ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। नाबार्ड के सहयोग से प्रदेश में 50 हजार पॉलीहाउस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना था कि पॉलीहाउस तकनीक नियंत्रित वातावरण में उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियों के उत्पादन में सहायक है, जिन्हें बाजार में सामान्य से कई गुना अधिक मूल्य मिलता है। इससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी।
पलायन रोकने में कृषि–बागवानी की अहम भूमिका
ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
जोशी ने बताया कि पलायन रोकने में कृषि और बागवानी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में लौटे प्रवासी सबसे अधिक कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाएं तलाश रहे हैं। ऐसे में सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को कृषि आधारित आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पंतनगर जा रहा 28 किसानों का दल आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण लेकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार होगा और आगे गांव–गांव किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों की तकनीकी सहायता से बढ़ेगा उत्पादन
कृषि उद्यमिता को मिलेगी नई दिशा
मंत्री ने यह भी कहा कि पॉलीहाउस संचालन व रखरखाव के लिए विशेषज्ञों द्वारा निरंतर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उत्पादन में और वृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़कर गांवों में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगी।
कार्यक्रम में अनेक किसान रहे उपस्थित
इस अवसर पर मुख्य उद्यान अधिकारी देहरादून डॉ. दिनेश कुमार तिवारी सहित कई किसान उपस्थित रहे।



