
रुद्रपुर। उत्तराखंड शासन के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के निर्देशों के तहत जनपद में संभावित प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 16 से 18 मार्च तक मॉक अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य भूकंप, बादल फटना, वनाग्नि, भूस्खलन, हिमस्खलन, बाढ़, बांध या बैराज टूटने, सुरंग धंसने, बड़े वाहनों की दुर्घटनाएं तथा हेलीकॉप्टर क्रैश जैसी घटनाओं की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। ऐसी आपदाओं के कारण आम जनमानस और संसाधनों को होने वाले संभावित नुकसान को कम करने के लिए यह अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आपदा प्रबंधन समन्वय समिति की बैठक आयोजित
इस संबंध में मंगलवार को आपदा प्रबंधन समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के भीतर मॉक अभ्यास के लिए चिन्हित पांच प्रमुख स्थलों की जानकारी संबंधित विभागों के अधिकारियों को दी गई और संभावित आपदा परिदृश्यों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों की भूमिका के अनुसार आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करें।
18 मार्च को पांच स्थानों पर होगी मॉक ड्रिल
जनपद में 18 मार्च को पांच अलग-अलग स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इन स्थानों में तहसील काशीपुर के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र स्थित इंडियन ग्लाइकोल लिमिटेड, तहसील बाजपुर में कृषि कीट आक्रमण से जुड़ी स्थिति, तहसील गदरपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भूकंप के कारण शॉर्ट सर्किट और अस्पताल के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की स्थिति, तहसील खटीमा में लोहिया हेड बैराज का गेट टूटने से डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जलभराव की समस्या तथा तहसील रुद्रपुर में मानव-वन्यजीव संघर्ष से संबंधित परिदृश्य शामिल हैं।
विभागों को दी गई विस्तृत जानकारी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने मॉक अभ्यास के सभी परिदृश्यों को जनपद स्तरीय रेखीय विभागों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस तथा विभिन्न संस्थानों के सेफ्टी हेड्स को विस्तार से समझाया। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें और 16 मार्च को प्रस्तावित टेबल टॉक के दौरान अपनी तैयारियों की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
कई विभागों के अधिकारी बैठक में जुड़े
बैठक में एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट सुनील कुमार, फायर सर्विस ऑफिसर महेश चंद्र, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कुछ अधिकारी वेब लिंक के माध्यम से बैठक में शामिल हुए और मॉक अभ्यास की तैयारियों पर अपने सुझाव भी साझा किए।



