अंतर्राष्ट्रीय

पाकिस्तानी सेना ने काबुल और अन्य शहरों में किए हमले, 130 तालिबान लड़ाकों को मारने का दावा

नई दिल्ली। पाकिस्तानी वायुसेना ने गुरुवार रात अफगानिस्तान के काबुल और कंधार में हवाई हमला किया। इस हमले के बाद अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान पर पलटवार किया है। जिसके बाद दोनों देशों के बीच जारी तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

पाकिस्तान ने इस सैन्य अभियान को ऑपरेशन ‘गजब लिल-हक’ नाम देते हुए खुली जंग का ऐलान कर दिया है। पाकिस्तान का दावा है कि कि उसके हमले में 130 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। वहीं, तालिबान का दावा है कि उसके हमले में पाकिस्तान के 55 सैनिक मारे गए हैं।

सोशल मीडिया पर दी जानकारी

इन सबके बीच तालिबान शासन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने इस्लामाबाद में एक सैन्य कैंप पर बमबारी की। इसकी जानकारी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी है। तालिबान शासन के रक्षा मंत्रालय ने जमरूद मिलिट्री कॉलोनी और एबटाबाद पर भी हवाई हमले करने का दावा किया है।

तालिबान शासन के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर किए पोस्ट में लिखा, “रक्षा मंत्रालय की वायु सेना ने आज सुबह लगभग 11:00 बजे हवाई हमले किए। इन हमलों का निशाना इस्लामाबाद के फैजाबाद के पास एक सैन्य कैंप और नौशेरा में एक सैन्य अड्डा था।”

पाकिस्तान के हमले में अफगानिस्तान में किसी की मौत नहीं- तालिबान प्रवक्ता

अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने पोस्ट किया है, “कायर पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ इलाकों में एयरस्ट्राइक किए हैं। अच्छी बात यह है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।”

पाकिस्तान का दावा

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में अफगान सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए, जिसमें कथित तौर पर दो ब्रिगेड बेस नष्ट हो गए, लेकिन उन्होंने किसी संभावित हताहत का उल्लेख नहीं किया।

‘संवाद से करें समाधान’- ईरान के विदेश मंत्री का बयान

पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर ईरान का बयान सामने आया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि रमजान के पवित्र महीने में, आत्म-संयम और इस्लामी दुनिया में एकजुटता को मजबूत करने के महीने में यह उचित है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान अपने मौजूदा मतभेदों को अच्छे पड़ोसीपन के ढांचे में और संवाद के रास्ते से प्रबंधित और हल करें।

उन्होंने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान दोनों देशों के बीच संवाद को सुगम बनाने तथा समझ और सहयोग को मजबूत करने में किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।

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