उत्तर प्रदेशराज्य

पूरी दुनिया चखेगी यूपी का स्वाद! योगी सरकार की इस नई योजना से विदेशों में भी महकेगा आपके जिले का जायका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के व्यंजनों का स्वाद अब दुनिया भर में महकने लगेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी माह एक जिला एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक जिले के प्रमुख और प्रसिद्ध व्यंजनों का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने योजना के लिए 150 व्यंजनों की सूची तैयार की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 जनवरी 2018 को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ओडीओपी योजना का शुभारंभ किया था। निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में राज्य का कुल निर्यात 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी ओडीओपी उत्पादों की रही। ओडीओसी योजना में हर जिले से कम से कम एक प्रमुख व्यंजन को शामिल किया गया है और इसकी सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है।

उत्पादों की प्रमाणिकता और जीआइ टैग

ओडीओसी योजना के तहत शामिल व्यंजनों को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) से प्रमाणित कराया जाएगा, ताकि विदेशी बाजार में बिक्री में कोई समस्या न आए। इसके अलावा, सरकार इन उत्पादों को भौगोलिक संकेत (जीआइ) टैग दिलाने में भी मदद करेगी। ओडीओपी योजना के तहत पहले ही 77 उत्पादों को जीआइ टैग मिल चुका है।

प्रशिक्षण, पैकेजिंग और वित्तीय सहायता

योजना में शामिल उत्पादों की पैकिंग और प्रचार-प्रसार के लिए सरकार व्यापारियों को प्रशिक्षण, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खाद्य मेलों में प्रदर्शनी और 25 प्रतिशत छूट पर ऋण उपलब्ध कराएगी। इससे छोटे और मध्यम व्यवसायियों को अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

यूपी के प्रसिद्ध व्यंजन वैश्विक मंच पर

यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी का दर्जा दिया है। ओडीओसी योजना के तहत लखनऊ की रेवड़ी, मक्खन मलाई और आम के उत्पाद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अन्य जिलों के प्रमुख व्यंजन सूची में शामिल हैं:

  • वाराणसी: तिरंगा बर्फी, मलाई मिठाई

  • बलिया: सत्तू

  • आगरा: पेठा

  • मथुरा: माखन मिस्री

  • बाराबंकी: चंद्रकला

  • फरुर्खाबाद: दालमोट

  • शाहजहांपुर: लौंग बर्फी

  • सिद्धार्थ नगर: मखाना

  • गोरखपुर: लिट्टी-चोखा

  • कानपुर: लड्डू

  • मेरठ: रेवड़ी और गजक

  • बुलंदशहर: खुरचन

इस योजना से न केवल स्थानीय व्यंजन संरक्षित होंगे, बल्कि यूपी की खान-पान की संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान भी मिलेगी।

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