
उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला सभागार में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
27 फरवरी से 15 जून 2026 तक चलेगा मेला
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष मां पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ 27 फरवरी (एकादशी) को होली पर्व से पूर्व किया जाएगा, ताकि होली के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। यह मेला 27 फरवरी से 15 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि मां पूर्णागिरि मेले में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुगम सुविधाएं प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सड़क एवं पैदल मार्गों के सुधारीकरण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, पार्किंग, सुरक्षा, आवास, संचार और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
मेला मजिस्ट्रेट और मेला अधिकारी की नियुक्ति
मेले के सफल संचालन के लिए उपजिलाधिकारी पूर्णागिरि, टनकपुर को मेला मजिस्ट्रेट तथा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। आवश्यकता अनुसार सहायक मेला अधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी।
पेयजल, बिजली और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने जल संस्थान को मेला क्षेत्र में प्याऊ एवं पेयजल स्टैंड पोस्ट स्थापित कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं, पार्किंग स्थल, सफाई व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाएं समय रहते दुरुस्त करने को कहा।
स्वास्थ्य सेवाओं की 24 घंटे व्यवस्था
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की दो एंबुलेंस 24 घंटे तैनात रहेंगी। इसके अतिरिक्त चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे, जहां चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक टैक्सियों का संचालन शटल सेवा के माध्यम से किया जाएगा। पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त मैनपावर की तैनाती और श्रद्धालुओं के साथ शालीन एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
भंडारा और अग्निशमन व्यवस्था
भंडारे के लिए स्थान चिन्हित कर मेला मजिस्ट्रेट द्वारा अनुमति प्रदान की जाएगी। पूरे मेला क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अग्निशमन वाहन की तैनाती के साथ-साथ प्रत्येक दुकान में अग्नि नियंत्रण यंत्र रखना अनिवार्य होगा।
बैठक में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा, ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि चंपावत एवं टनकपुर प्रकाश तिवारी व दीपक रजवार, पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, पूर्व अध्यक्ष भुवन पाण्डे, अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, सीओ शिवराज सिंह राणा, जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी कमलेश बिष्ट, अधिशासी अभियंता लोनिवि मोहन सिंह पलड़िया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



