
उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा प्रथम एवं द्वितीय (UTET I & II) 2026 को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। रुद्रपुर के परगना मजिस्ट्रेट मनीष बिष्ट ने परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत सख्त निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश परीक्षा प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।
परीक्षा का समय और तिथियाँ
जारी आदेश के अनुसार, UTET परीक्षा का आयोजन 29 सितंबर 2026 को दो पालियों में किया जाएगा:
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प्रथम पाली: प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
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द्वितीय पाली: अपराह्न 02:00 बजे से सायं 04:30 बजे तक
रुद्रपुर के प्रमुख परीक्षा केंद्र
परीक्षा के संचालन के लिए निम्नलिखित विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है:
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जनता इंटर कॉलेज (नोडल केंद्र)
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आ०ना०झा० राजकीय इंटर कॉलेज, रुद्रपुर
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श्री गुरु नानक कन्या इंटर कॉलेज, रुद्रपुर
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श्री सनातन धर्म कन्या इंटर कॉलेज, रुद्रपुर
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फाजलपुर महरौला (रुद्रपुर)
धारा-163 के तहत लागू मुख्य प्रतिबंध व दिशा-निर्देश
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200 मीटर परिधि में नो-एंट्री: परीक्षा केंद्रों के चारों ओर 200 मीटर के दायरे में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। (यह नियम परीक्षार्थियों, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों पर लागू नहीं होगा।)
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भीड़ जमा करने पर रोक: केंद्र परिसर और उसके आसपास 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्र होने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व पठन सामग्री बैन: परीक्षा केंद्र के भीतर पाठ्य सामग्री, मोबाइल फोन, सेलुलर डिवाइस तथा प्रश्न-पत्र बाहर ले जाने पर सख्त मनाही है।
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नकल विरोधी कार्रवाई: नकल करने या किसी भी प्रकार से मदद पहुँचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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हथियार व लाउडस्पीकर पर पाबंदी: परीक्षा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, लाठी, चाकू या विस्फोटक सामग्री ले जाना वर्जित है (सुरक्षा बलों को छोड़कर)। इसके अलावा परिसर में लाउडस्पीकर के उपयोग, नारेबाजी तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।
आदेश के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन दिशा-निर्देशों या निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



