
उत्तराखंड पुलिस के ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर कुमाऊं टीम को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने दूरसंचार विभाग (DoT) के समन्वय से ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर में एक मकान में चल रहे अवैध ‘सिम बॉक्स’ (SIM Box) टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
कैसे काम करता था अवैध ‘सिम बॉक्स’ गेटवे?
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध और अवैध कॉलिंग में शामिल था:
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लोकल नंबर में रूपांतरण: आरोपी इंटरनेशनल और वीओआईपी (VoIP) कॉल्स को भारतीय लोकल मोबाइल नंबरों में बदल देता था, जिससे कॉल प्राप्त करने वाले के स्क्रीन पर विदेशी नंबर की जगह भारतीय नंबर दिखाई देता था।
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पहचान और लोकेशन छिपाना: इस माध्यम से साइबर अपराधी अपनी वास्तविक लोकेशन और पहचान छिपाकर लोगों को शिकार बनाते थे।
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साइबर फ्रॉड में उपयोग: ऐसे फर्जी गेटवे का इस्तेमाल ‘डिजिटल अरेस्ट’, फर्जी पुलिस/अधिकारी बनकर ठगी और अन्य वित्तीय अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
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बांग्लादेशी कनेक्शन: पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले 7 महीनों से यह गेटवे चला रहा था और बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से जुड़कर आर्थिक लाभ कमा रहा था।
छापेमारी में बरामदगी एवं आरोपी का विवरण
एसटीएफ ने बाजपुर के मुडिया (ईदगाह के पास) स्थित एक मकान में दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
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गिरफ्तार आरोपी: कादिर (उम्र 24 वर्ष), पुत्र जाबिर अली, निवासी ग्राम बेरखेड़ा चक, थाना भगतपुर, जनपद मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश)।
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जब्त किए गए उपकरण:
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02 सिम बॉक्स (32 स्लॉट वाले)
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114 एयरटेल (Airtel) सिम कार्ड (फर्जी दस्तावेजों पर जारी)
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77 एंटीना एवं 1 एयरटेल इंटरनेट राउटर
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01 सैमसंग A35 मोबाइल फोन
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मीडिया कनवर्टर, फाइबर वायर, एडेप्टर, कनेक्टर्स एवं अन्य टेलीकॉम सामग्री।
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आपराधिक इतिहास और पुलिस का अगला कदम
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी कादिर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है:
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पहले भी हो चुका है गिरफ्तार: आरोपी वर्ष 2023 में मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के थाना कटघर से भी सिम बॉक्स के जरिए अवैध गेटवे चलाने के आरोप में धारा 420, 467 और गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल जा चुका है तथा वर्तमान में जमानत पर बाहर था।
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नेटवर्क की गहनता से जांच: एसटीएफ अब आरोपी के बैंक खातों, विदेशी संपर्कों, स्थानीय मददगारों और फर्जी दस्तावेजों पर सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले मोबाइल एजेंटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है।

