
रुद्रपुर। उत्तराखंड शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिले में दूषित पेयजल से होने वाली बीमारियों की रोकथाम, जांच और प्रभावी निगरानी के लिए जनपद स्तरीय ‘पेयजल जनित संक्रमण अनुश्रवण समिति’ का गठन किया गया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए हैं।
1. समिति की संरचना एवं पदाधिकारी
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित इस समिति में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और स्थानीय निकायों के प्रमुख अधिकारियों को शामिल किया गया है:
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अध्यक्ष: जिलाधिकारी
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उपाध्यक्ष: मुख्य विकास अधिकारी
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सदस्य सचिव: अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड जल संस्थान (अनुरक्षण खंड)
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सदस्य: मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, नगर निगम रुद्रपुर व काशीपुर के नगर आयुक्त, समस्त नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी तथा पेयजल निगम व जल संस्थान के अधिशासी अभियंता।
2. बैठकों का आयोजन और संक्रमण की विस्तृत जांच
गठित समिति पेयजल स्वच्छता और जल गुणवत्ता को लेकर प्रति माह नियमित बैठकें आयोजित करेगी। किसी भी क्षेत्र में पेयजल जनित संक्रमण की घटना सामने आने पर समिति द्वारा निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत जांच की जाएगी:
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संक्रमण के संभावित स्रोत, पेयजलापूर्ति व्यवस्था, जल स्रोत, वितरण तंत्र, टैंक और पाइप लाइन का परीक्षण।
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लीकेज/सीपेज, क्रॉस-कनेक्शन या क्रॉस-कंटैमिनेशन की संभावनाओं का अध्ययन।
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पेयजल और सीवरेज प्रणालियों के मध्य संभावित अंतसंबंध की जांच।
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जल गुणवत्ता रिपोर्ट, स्वास्थ्य विभाग के रोग सर्विलांस आंकड़ों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर संक्रमण के कारणों व उत्तरदायित्व का निर्धारण।
3. स्वच्छता, मरम्मत और जल परीक्षण की व्यवस्था
समिति द्वारा पेयजल स्रोतों, जलाशयों/टैंकों एवं वितरण प्रणाली की सफाई, फ्लशिंग, ब्लीचिंग और निर्धारित मानकों के अनुरूप डिसइन्फेक्शन/क्लोरीनेशन सुनिश्चित किया जाएगा:
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पाइप लाइनों में लीकेज, सीपेज, क्षति और अन्य तकनीकी दोषों का चिन्हीकरण कर उनका निवारण किया जाएगा।
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यूनियन, जंक्शंस और इंटरसेक्टिंग लाइनों जैसे संवेदनशील बिंदुओं में सुधार किया जाएगा।
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पेयजलापूर्ति और सीवरेज प्रणालियों को पृथक रखते हुए दूषित जल मिलने की संभावनाओं को समाप्त किया जाएगा।
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प्रयोगशाला परीक्षण हेतु नमूने एकत्र कर सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी तथा स्थायी समाधान हेतु कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
4. स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और डोर-टू-डोर सर्विलांस
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल राहत और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएँगी:
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आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य दलों की तैनाती, हेल्थ कैम्प, रोग निदान, औषधि वितरण और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
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संक्रामक रोगों की शीघ्र पहचान और निगरानी के लिए प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्विलांस कराया जाएगा।
5. रिपोर्टिंग, जवाबदेही और तत्काल प्रभाव से लागू आदेश
समिति अपनी जांच के निष्कर्षों, सुधारात्मक कार्यवाहियों और जहां आवश्यक हो, संबंधित अधिकारियों/विभागों का स्पष्ट उत्तरदायित्व तय करते हुए अनुपालन हेतु निर्देश जारी करेगी। आवश्यकता पड़ने पर शासन को मार्गदर्शन या प्रस्ताव भेजा जाएगा।
जिलाधिकारी ने इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

