उत्तराखंडराज्य

राहुल गांधी को ‘मियां’ कहने पर कांग्रेस की आपत्ति ढोंग: महेंद्र भट्ट का पलटवार, बताया तुष्टिकरण का दोहरा चरित्र

देहरादून: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी को ‘मियां’ कहे जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा जताई गई आपत्ति पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से तुष्टिकरण की राजनीति में संलिप्त कांग्रेस को आखिर अब ‘मियां’ शब्द से परहेज क्यों होने लगा? सनातनी समाज कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र से पहले ही वाकिफ है, अब मुस्लिम समाज को भी उनकी इस अवसरवादी राजनीति को समझना चाहिए।

भाजपा अध्यक्ष के बयान का समर्थन और कांग्रेस का दोहरा रवैया

महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी कांग्रेस की असली राजनीति का दर्पण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज्यों और परिस्थितियों के हिसाब से अपना रुख बदलती रहती है:

  • तुष्टिकरण का इतिहास: कांग्रेस ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC), कठोर धर्मांतरण कानून और दंगा रोधी सख्त कानूनों का हमेशा विरोध किया।

  • अतिक्रमण और जिहाद पर संरक्षण: धार्मिक अतिक्रमणों, लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ हुई कार्रवाइयों पर कांग्रेस ने जनता के बीच भ्रम फैलाने का कार्य किया।

  • विवादास्पद मांगें: पार्टी नेताओं पर अवैध मदरसों को संरक्षण देने, जनसांख्यिकीय बदलाव की कोशिशों का समर्थन करने और धर्म आधारित ‘मुस्लिम विश्वविद्यालय’ की वकालत करने के गंभीर आरोप हैं।

सनातन विरोध और राम मंदिर का मुद्दा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को घेरते हुए कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण की होड़ में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने सनातन संस्कृति के विरोध की तमाम सीमाएं लांघ दीं:

“राम मंदिर निर्माण का खुलकर विरोध करना, विवादित स्थल पर पुनः मस्जिद बनाने की पैरवी करना और अदालत में भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकारते हुए हलफनामा दाखिल करना—यह सब कांग्रेस की सनातनी विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।”

‘मियां’ शब्द पर कांग्रेस की परिभाषा पर कसा तंज

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत के उस बयान—जिसमें उन्होंने ‘मियां’ शब्द का अर्थ पिता बताया था—पर कटाक्ष करते हुए भट्ट ने कहा:

  • राजनीतिक मजबूरी: “कांग्रेस में राजनीतिक सहूलियत के हिसाब से ‘पिता को मियां’ और ‘मियां को पिता’ बनाने का चलन रहा होगा, जिससे उनकी राजनीति पर ही सवाल खड़े होते हैं।”

  • दोहरा मापदंड: संभव है कि राहुल गांधी को अन्य राज्यों में ‘मियां’ कहलाना पसंद आता हो, लेकिन चुनाव करीब आते देख उत्तराखंड के कांग्रेस नेता जनता को गुमराह करने के लिए इसी शब्द पर आपत्ति जता रहे हैं।

“देवभूमि में चोला बदलने से फितरत नहीं बदलती”

महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड का सनातनी समाज कांग्रेस के इस अवसरवादी रवैये को पूरी तरह पहचान चुका है। चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस देवभूमि की जनता को लुभाने के लिए अपने राजनीतिक रंग बदलने का कितना भी प्रयास कर ले, लेकिन प्रदेश की जागरूक जनता के सामने उसकी असलियत नहीं छिप सकती।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button