
देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव थापर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ में शामिल लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की जोरदार मांग की है।
सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने का आरोप
अभिनव थापर ने आरोप लगाते हुए कहा:
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सामाजिक ताने-बाने पर हमला: कांग्रेस ने दशकों के संघर्ष से समाज के सभी वर्गों को एकजुट कर सामाजिक समरसता की नींव रखी है। ऐसे में मंच के कथित शुद्धिकरण जैसी घटनाएं समाज को बांटने वाली संकीर्ण मानसिकता को उजागर करती हैं।
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जनता में आक्रोश: इस घटना से समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर दलित एवं वंचित समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है और उनमें भारी रोष व्याप्त है।
पुलिस के दोहरे रवैये पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वंचितों और शोषितों की आवाज बुलंद करने वाले राहुल गांधी के खिलाफ तो तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया गया, लेकिन असल दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही।
उन्होंने दावा किया कि जिस हल्द्वानी थाने में राहुल गांधी पर FIR दर्ज हुई है, उसी थाने में कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले की शिकायत 18 अगस्त से लंबित पड़ी है, जिस पर पुलिस ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगे:
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FIR निरस्त हो: राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज राजनीतिक से प्रेरित FIR को तुरंत वापस लिया जाए।
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दोषियों पर SC/ST एक्ट लगे: उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मंच का कथित ‘शुद्धिकरण’ करने वालों पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत FIR दर्ज हो।
सड़क से अदालत तक संघर्ष की चेतावनी
अभिनव थापर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस दोहरे रवैये और अपमानजनक कृत्य के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। पार्टी इस मुद्दे पर कानूनी, लोकतांत्रिक और सड़क—तीनों स्तरों पर चरणबद्ध तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।



