
देहरादून। सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्वांकी ने गुरुवार को गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय परिसर स्थित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पंजीकरण से लेकर पुनर्वास सेवाओं की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान सचिव ने दिव्यांगजनों के पंजीकरण, मूल्यांकन, परामर्श, पुनर्वास सेवाओं और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में रखे अभिलेखों का निरीक्षण करने के साथ ही विभिन्न गतिविधियों का भी अवलोकन किया।
सचिव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि केंद्र पर आने वाले दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं और पुनर्वास सेवाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सुगम लाभ सुनिश्चित किया जाए।
दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता
डॉ. अद्वांकी ने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जाए।
उन्होंने डीडीआरसी की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं दिव्यांगजन हितैषी बनाने पर भी जोर दिया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए दिव्यांगजनों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, एसीएमओ डॉ. चौहान, जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र के कार्मिक तथा गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।



